जवाबदेह बनेंगे प्रदेश के खेल संघ

NEWSगोहर, चैलचौक— राज्य में खेल संघों के नियमन के लिए हाल ही में खेल पंजीकरण, मान्यता और संघों का नियमन बिल, 2015 पारित किया गया है। बिल का उद्देश्य खेल संघों की कार्यप्रणाली को लोकतांत्रिक बनाना और संघों को खेलों में प्रदर्शन के लिए जवाबदेह बनाना है। यह बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लौट और फ्योड़ की जनसभाओं में कही। मुख्यंमंत्री ने कहा कि एचपीसीए ने जालसाजी कर धर्मशाला में पांच सितारा होटल और स्टेडियम बनाने के लिए सरकार की करोड़ों रुपए की संपंत्ति हथिया ली। एसोसिएशन ने नियमों की अवहेलना करते हुए कानपुर में हिमालयन प्लेयर्ज एसोसिएशन के नाम से स्वयं को पुनः पंजीकृत करवाया और बाद में एक बार फिर से किसी अन्य जगह कंपनी एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत करवाया। एसोसिएशन का मकसद नवोदित खेल प्रतिभाओं को निखारना और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना होना चाहिए था, लेकिन इसे कुछ लोगों के लाभ के लिए कंपनी में परिवर्तित कर दिया गया। जब तक एसोसिएशन स्वयं को प्रदेश में रजिस्ट्रार पंजीयक सभाएं के पास पंजीकृत नहीं करवाती, इसे मान्यता नहीं दी जा सकती और यह कानून के भी विरुद्घ है। मुख्यमंत्री ने अपने मंडी दौरे के चौथे दिन करोड़ों के शिलान्यास व उद्घाटन किए। उन्होंने नाचन विस के आठ स्कूलों का दर्जा भी बढ़ाया। उन्होंने राजकीय माध्यमिक पाठशाला रायोसी को उच्च करने की घोषणा की। वीरभद्र सिंह ने डडौर-मंडी उच्च मार्ग के फोरलेनिंग के कार्य के संदर्भ में कहा कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण को फोरलेनिंग कार्य पूरा होने तक सड़क का रखरखाव सुनिश्चित बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग-21 के निर्माण एवं रखरखाव के लिए 18 करोड़ स्वीकृत किए हैं और शेष 50 प्रतिशत धनराशि का वहन केंद्र सरकार द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स और युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने भी जनसभा को संबोधित किया। अनुसूचित जाति व जनजाति निगम के अध्यक्ष टेक चंद डोगरा और अन्य नेता भी इस मौके पर उपस्थित रहे।

गवालपुर में पशु औषधालय

मुख्यमंत्री से करसोग में चवासी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने समाजसेवी मान सिंह की अगवाई में भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गवालपुर स्कूल को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के तौर पर स्तरोन्नत करने और गवालपुर में पशु औषधालय खोलने की मंजूरी दी।

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