दस साल में दोगुने हुए देव भूमि के मेहमान

newsपालमपुर — प्रदेश की हरी-भरी वादियां, धार्मिक स्थल, चाय के बागान और पहाड़ों की बर्फ सैलानियों को आकर्षित कर रही है। देश के कुछ अन्य पर्यटक प्रदेशों में प्रतिकूल परिस्थितियां भी पर्यटकों के कदम हिमाचल की ओर खींच रही हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले दस सालों के दौरान प्रदेश का रुख करने वाले पर्यटकों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है। पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम रोल अदा कर रहा है। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो 2005 में प्रदेश में कुल 71.36 लाख सैलानियों ने उपस्थिति दर्ज करवाई तो वहीं 2014 में पर्यटकों का आंकड़ा बढ़कर 163.15 लाख तक जा पहुंचा। दस सालों के दौरान पर्यटकों की संख्या में दोगुना से अधिक की बढ़ोतरी काफी उत्साहजनक है। देश के विभिन्न प्रदेशों के साथ विदेशी पर्यटक भी प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और 2005 में दो लाख विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर चार लाख के आसपास पहुंच चुकी है। पिछले चार सालों के दौरान तो प्रदेश में आने वाले कुल पर्यटकों का आंकड़ा 150 लाख से ऊपर ही रहा है, जिसका लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। शिमला, कुल्लू-मनाली, धर्मशाला सहित अन्य पर्यटक स्थलों के साथ धार्मिक स्थलों की ओर पर्यटक आकर्षित हुए हैं तो पालमपुर के चाय बागान भी पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। पर्यटक स्थलों पर नए होटलों का निर्माण व प्रदान की जा रही सुविधाएं अहम रोल अदा कर रही हैं। हालांकि पिछले साल विदेशी पर्यटकों की संख्या में कुछ कमी आई है। 2009 से लेकर 2013 तक के पांच सालों में प्रदेश में पहुंचने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या चार लाख से ऊपर रही और 2012 में यह संख्या पांच लाख भी पहुंच गई, लेकिन 2014 में विदेशी पर्यटकों की संख्या चार लाख से कम रही है।

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