दो बच्चों समेत जिंदा जला दंपति

NEWSशिमला — मशोबरा चौकी क्षेत्र के तहत पढ़ने वाली चैड़ी पंचायत में गुरुवार रात दो मंजिला मकान के जलने से उसके अंदर सो रहे पति-पत्नी अपने दो बच्चों समेत जिंदा जल गए। अग्निकांड का यह दर्दनाक हादसा लोअर मढ़ाव गांव में अभी राम के घर पेश आया। अभी राम व उसकी पत्नी मीना दो मंजिला घर के निचले फ्लोर में सोए हुए थे। उनका बेटा महेश (27) अपनी पत्नी हेमलता (24) व दो बच्चों दिकांश (4) व ज्योति (2) के साथ ऊपरी मंजिल में सोया हुआ था। गुरुवार रात करीब 11 बजे आग घर की ऊपरी मंजिल से ही भड़की। देखते ही देखते आग की लपटों में अभी राम का बेटा-बहु व पोता-पोती जिंदा जल गए। आग की लपटों के निचले फ्लोर तक पहुंचने से पहले ही अभी राम व उसकी पत्नी घर से बाहर निकल आए थे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि बेटे-बहु व पोता-पोती की चीखें उन्हें रह-रहकर दहला देती हैं। घर में भड़की आग की लपटों के आगे बेबस बुजुर्गों को यह दर्द जीवन भर सालता रहेगा कि वे अपनों को चाहकर भी बचा नहीं पाए। हालांकि आगजनी की घटना का पता लगते ही गांव के लोग इकट्ठे हो गए थे। लोग पानी की बाल्टियां उड़ेल-उड़ेल कर आग बुझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन लक्कड़ी के मकान में लगी आग की लपटों ने पूरा घर जलकर राख कर दिया। पंचायत के उपप्रधान ने आग लगने की सूचना मशोबरा चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मशोबरा चौकी व ढली थाना से पुलिस मौके के लिए रवाना हो गई थी। पुलिस को सूचना देने के बाद अग्निशमन केंद्र को आग लगने की  सूचना दी गई। 12 बज कर 25 मिनट पर अग्निशमन केंद्र को सूचित किया गया। मढ़ाव गांव सड़क से तीन किलोमीटर नाले में है। गांव तक दमकल की गाडि़यां भी नहीं जा सकती थीं। ऐसे में दो दमकल गाडि़यों को सड़क पर खड़ा कर दमकल के कर्मी मौके पर पैदल ही पहुंचे, लेकिन तब तक जान और माल का नुकसान हो चुका था। पूरा घर जलकर स्वाह हो गया था। पुलिस ने आग में जिंदा जले परिवार के चारों सदस्यों के शवों को आईजीएमसी में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। उधर, इस मामले में स्टेशन फायर आफिसर एमएल ठाकुर व सब फायर आफिसर महेश शर्मा का कहना है कि आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन आगजनी की घटना में एक ही परिवार के चार सदस्य जिंदा जल गए। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अग्निकांड की जांच शुरू कर दी है।

नाइट ड्यूटी ने बचाया परिवार का छोटा चिराग

अभी राम का छोटा बेटा अजय अग्निकांड के दौरान घर पर नहीं था, जिसके कारण वह बाल-बाल बच गया। अजय प्राइवेट नौकरी करता है। वह हादसे वाले दिन रात्रि ड्यूटी पर था। हादसे में बेटा-बहु और पोता-पोती को गंवा चुके अभी राम का अब एकलौता सहारा उनका छोटा बेटा ही रह गया है।

You might also like