धर्मशाला प्रकरण में साजिश की बू

धर्मशाला —  धर्मशाला प्रकरण में अब साजिश की बू आने लगी है। इसे देवभूमि में नए अपराध की आहट माना जा रहा है।  इतना ही नहीं सोशल मीडिया का दुरुपयोग भी प्रदेश के लिए बड़ी चेतावनी दे रहा है। शांति प्रिय प्रदेश में भले ही दुष्कर्म जैसी कोई बड़ी घटना हो या नहीं लेकिन इस सारे प्रकरण ने सोशल मीडिया से बेटियों को बचाने की भी चेतावनी दी है। यह बड़ा सवाल बन गया है कि शांतिप्रिय  हिमाचल में युवतियां किसके निशाने पर हैं। यह भी बहस छिड़ गई है कि मामला राजनीतिक है तो इसके पीछे कौन हैं? धर्मशाला कालेज प्रकरण की पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें गंभीर साजिश की बू नजर आने लगी है। अब इस मामले में घटना से हटकर षड्यंत्र की बहस शुरू हो गई है।  साथ ही यह भी सवाल उठने लगे हैं कि इस सारे षड्यंत्र के पीछे कौन है? क्या पर्यटन नगरी धर्मशाला को निशाना बनाया गया? या शहरी विकास एवं आवास मंत्री सुधीर शर्मा निशाने पर थे? अगर यह मामला राजनीतिक हुआ तो कांग्रेस के भीतर और बाहर भी हो सकता है, या किसी राजनीतिक पार्र्टी से जुड़ा भी हो सकता है। मुद्दे पर बहस शुरू होने से अब राजनीतिक दलों के नामों पर भी बड़ी बहस छिड़ गई है। वहीं सोशल मीडिया का इस्तेमाल प्रदेश के लिए नए अपराध की चेतावनी दे रहा है। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में अब  अपराध ऐसे भी हो सकता और आ सकता है। इस बात का संकेत कालेज प्रकरण में देखने को मिला है। वहीं इस मामले में यह देखना भी अहम है कि लड़कियां किसका शिकार बनी और कैसे?

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