Himachal This Week After being restrained by bad weather in initial two days leading to cancellation of tasks, paragliders started...

शक्ति व्यक्ति में ही व्यक्त होती है। व्यक्तियों का समुच्चय ही सामूहिक शक्ति का उद्घोष है। यही युक्तियुक्त संदेश महिषासुरमर्दिनी...

सहजन से तो आप भलिभाति परिचित होंगें। यह एक ऐसी हरी सब्जी है जो बाजार में चारों ओर बिकती है...

(स्वामी विवेकानंद) कोई भी भाव अपने आनुषंगित शब्द बिना और कोई शब्द अपने आनुषंगित भाव बिना कभी रहा नहीं। शब्द...

देवादिदेव मृत्युंजय कल्प के अंत में समस्त भुवनों को ध्वस्त करके भी आनंद विभोर हो नृत्य करते हैं। चतुर्मुख गौरीश...

(श्रीश्री रवि शंकर) ईश्वर तुम्हारी परीक्षा नहीं लेते। परीक्षा अज्ञान का अंश है। परीक्षा कौन लेगा, जो अज्ञानी है वही...

(बाबा हरदेव) वास्तव में यह इनसान की भावना ही है, जो इनसान को गुरमुख तथा मनमुख बना देती है। जिस...

यह ओरेगन के रेगिस्तान की कड़ी धूप में  सीमेंट जैसी कड़ी और सूखी मिट्टी पर बना था। पुरातत्वशास्त्री यह देख...

(ओशो) यही अड़चन परमात्मा के प्रेम में और भी बड़ी होकर आती है। क्योंकि जब भी किसी ने परमात्मा से...

(श्रीराम शर्मा) आत्मभाव के विस्तार से ही संयम, त्याग, स्नेह तथा सेवा भावना की वृद्धि होती है। एक-दूसरे के  प्रति...