महंगाई की मार से नीरस रहा धनतेरस

शिमला  — धनतेरस के पावन अवसर पर भी महंगाई की मार देखी गई। हिमाचल प्रदेश में धनतेरस पर करीब 60 करोड़ का कारोबार आंका गया। हालांकि हर वर्ष की तरह लोगों ने धनतेरस पर सोना चांदी के आभूषणों में निवेश करने के साथ-साथ वाहनों, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और बरतनों की खरीददारी की। मगर इस वर्ष प्रदेश में धनतेरस पर बीते वर्ष के मुकाबले काम कारोबार आंका गया है,जिसके चलते सर्राफा बाजार में भी गिरावट आई है। धनतेरस पर भी कारोबार में मंदी की मार पड़ने से कारोबारी निराश हैं। उक्त पावन अवसर को लेकर प्रदेश के अधिकांश छोटे-बड़े बाजारों में कारोबारियों के नए-नए उत्पाद सजा रखे थे। मगर ग्राहकों के न आने से कारोबार मंदा पड़ा रहा। महंगाई के चलते बीते दिनों से बाजार का माहौल ठंडा पड़ा हुआ था, लेकिन कारोबारियों को धनतेरस पर कारोबार में तेजी आने की संभावनाएं थी। मगर धनतेरस पर भी ज्यादा कारोबार न होने से कारोबारी निराश है।  धनतेरस पर शगुन के तौर पर लोग अपने घरों के लिए नया सामान खरीदते हैं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार धनतेरस पर बाजारों में लोगों की अवश्य भीड़ उमड़ी। मगर अधिकांश लोगों  मोल भाव ही करते रहे। शाम के समय अवश्य खरीददारी का माहौल गर्माया। प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान सुमेश शर्मा का कहना है कि धनतेरस पर प्रदेश में 60 करोड़ का कारोबार हुआ है जो बीते वर्ष के मुकाबले कम है। कारोबार में मंदी मार के चलते कारोबारी निराश हैं। आनलाइन शॉपिंग कारोबार पर भारी प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान सुमेश शर्मा का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग से कारोबार पर काफी प्रभाव पड़ा है। बरतनों, इलेक्ट्रॉनिक व आभूषण विके्रताओं को छोड़कर अन्य कारोबारियों पर इसकी मार पड़ी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग से एक माह में राज्य सरकार को लाखों के रेवेन्यू की चपत लग रही है,लेकिन फिर भी सरकार इस ओर सकारात्मक कदम नहीं उठा रही है ,जो व्यापारियों पर भी दिन प्रतिदिन भारी पड़ती जा रही है।

 2014 में हुआ था 100 करोड़ रुपए का कारोबार

प्रदेश व्यापार मंडल के अनुसार प्रदेश में बीते वर्ष 100 करोड़ का कारोबार हुआ था,जो इस वर्ष घटकर 60 करोड़ तक पहुंच गया है। धनतेरस पर मंदी की मार झेलने के बाद अब कारोबारी दिवाली पर्व से उम्मीदें लगाए बैठे हैं।

न करें पटाखों का इस्तेमाल

शिमला— हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने प्रदेशवासियों खासकर बच्चों से अपील की है कि इस बार रोशनी के पर्व दीपावली के शुभ अवसर पर ऐसे पटाखों का इस्तेमाल न करें, जिनसे एक तो ज्यादा शोर होता है, दूसरे वे स्वच्छ वातावरण को भी प्रदूषित करते हों।  उन्होंने बच्चों व लोगों से अपील की है कि वे इस बार हानिकारक पटाखों का इस्तेमाल न करके, इस पर्व को पर्यावरण की दृष्टि से भी पवित्र बनाने का संकल्प लें। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की है कि हिमाचल के स्वच्छ वातावरण में इस बार लोग हानिकारक पटाखों का सेवन नहीं करेंगे, ताकि प्रदेश का स्वच्छ व संतुलित वातावरण बरकरार रह सके।

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