Daily Archives

Nov 10th, 2015

नूरपुर में सुरीले तरानों की गूंज

नूरपुर— प्रदेश के अग्रणी मीडिया ग्रुप ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा रविवार को नूरपुर शहर में स्थित नूरपुर पब्लिक स्कूल में हिमाचल की आवाज सीजन चार के तहत ऑडिशन आयोजित किया गया, जिसमें नूरपुर क्षेत्र के अलावा जिला कांगड़ा व चंबा के

सोमवार को खुले रहें बाजार

( उपाध्याय कुलदीप कृष्ण, सकड़ी, बैजनाथ ) 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय देश में अन्न की समस्या अति विकट बनी हुई थी। देश में पर्याप्त अन्न नहीं था। आवश्यकतानुसार उस समय के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने भारत की जनता से सोमवार…

भाजपा के पांव में मोच

औजार सी जगह में खुद की धार को खोजना या भंवर के तिनकों पर सवार होकर डूबना, कुछ इसी अंदाज में बिहार चुनाव की वैतरणी पार करने से पहले भाजपा के पांव में मोच आ गई। देश की समूची जनता के साथ-साथ हिमाचल की रुचि का एक बड़ा हिस्सा, पार्टी प्रदर्शन से…

एडिशनल ब्लॉक का निरीक्षण

चंबा — विशेष स्वास्थ्य सचिव नंदिता गुप्ता ने सोमवार को चंबा में प्रस्तावित मेडिकल कालेज में हास्टल सुविधा के लिए चयनित दो- तीन स्थलों के अलावा अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन सौ बिस्तरों के एडिशनल ब्लॉक का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बीएसएनएल…

चमेरा पावर स्टेशन- एक में नवाजे मेधावी

चंबा — चमेरा पावर स्टेशन- एक खैरी में एनएचपीसी के 41वें स्थापना दिवस के मौके पर समारोह का आयोजन किया गया है। समारोह का शुभारंभ महाप्रबंधक प्रदीप जौहर ने ध्वजारोहण के साथ किया। प्रदीप जौहर ने कहा कि 40 वर्षों में एनएचपीसी का राष्ट्र निर्माण…

ढ़ाटी पुल जनता के हवाले

पालमपुर, भवारना — सड़कें प्रदेश में संचार का प्रमुख साधन हैं और सरकार सड़कों एवं पुलों के निर्माण और रखरखाव का विशेष महत्त्व दे रही है। यह जानकारी मुख्य संसदीय सचिव जगजीवन पाल ने सोमवार को सुलाह हलके की ग्राम पंचायत ढ़ाटी में 107 लाख रुपए…

योल में बासी स्वीट्स लगाईं ठिकने

योल — खाद्य आपूर्ति एवं स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को सिद्धबाड़ी, योल, नरवाणा, टंग, चामुंडा में मिठाई व सब्जियों की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछेक दुकानों में बासी मिठाइयां व खराब सब्जियों को हटाया गया। खाद्य आपूर्ति के निरीक्षक…

मोदी अजेय नहीं !

चुनाव में जीत-हार अपरिहार्य है। लालू और नीतीश ने भी करारी पराजय देखी हैं, लेकिन बिहार के जनादेश ने साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी अजेय नहीं हैं। भाजपा और मोदी ने महत्त्वाकांक्षा पाल ली थी कि एक-एक करके सभी प्रमुख राज्य जीतने हैं। संघ…

पटाखों से शोर ही नहीं, लाभ भी होता है

( डा. भरत झुनझुनवाला लेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं ) पटाखों के मनोवैज्ञानिक लाभ बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। मन के प्रफुल्लित होने से सभी सांसारिक कार्य सुलभ हो जाते हैं। इसके सामने पटाखों से फैलने वाले प्रदूषण से नुकसान होता है।…

अछूत बनते जा रहे हैं अनुबंध कर्मी

( राजेश वर्मा लेखक, बल्द्वाड़ा, मंडी से हैं ) नियमितीकरण की नीति पांच वर्ष की है, तो फिर यह करीब एक वर्ष का अतिरिक्त समय क्यों? आखिर यह शोषण किस कारण? वर्तमान सरकार कहती है कि यह शर्त हमने नहीं थोपी। अगर यह पिछली सरकार की देन है, तो क्या…