Daily Archives

Nov 18th, 2015

पुष्ट करियर की न्यूट्रीशन साइंस

आहार और स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। आहार को प्रथम औषधि भी माना जाता है। जीवनशैली और खान-पान की आदतों में बड़ी तेजी से बदलाव हुआ है। इसके कारण बीमारियों के बढ़ते साम्राज्य ने न्यूट्रीशन साइंस में करियर के नए अवसर पैदा किए हैं... मनुष्य का…

केबल डिजिटाइजेशन से खुलती संभावनाएं

( राजेश कुमार जसवाल लेखक, ऊना के सहायक लोक संपर्क अधिकारी  हैं ) केबल टीवी डिजिटाइजेशन के कारण जहां उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्तायुक्त केबल टीवी प्रसारण की सुविधा सुनिश्चित हुई है, वहीं दर्शकों को अपनी पंसद  के टीवी चैनल देखने की आजादी भी…

आतंक के साए में विश्व

( मनोज कुमार, बिलासपुर ) फ्रांस की राजधानी पेरिस में आतंकवादियों द्वारा किए गए हमलों ने एक बार फिर दुनिया को हिलाकर रख दिया है। रेस्तरां, कंसर्ट हॉल, स्टेडियम जैसी भीड़ वाली जगहों को निशाना बनाकर किए गए इन हमलों में 150 से ज्यादा निर्दोष…

बुझे चेहरों का प्रवचन

( डा. राजन मल्होत्रा, पालमपुर ) भाजपा को बिहार चुनावों में मिली हार पर मंथन जारी है। यह जरूरी भी था, क्योंकि बिहार चुनावों के बाद अब थोड़े ही समय बाद तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उन चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सके,…

फुटबाल टूर्नामेंट के लिए संवारा मैदान

कांगड़ा —  नगर परिषद कांगड़ा के मैदान में गुरुवार से साई फुटबाल आकादमी के सौजन्य से शुरू होने वाली चार दिवसीय प्रदेश स्तरीय फुटबाल प्रतियोगिता को लेकर मंगलवार को आयोजकों द्वारा मैदान को समतल करने के साथ इसकी साफ-सफाई की गई। इस दौरान आयोजकों…

जातीय बंधन

( राजेश कुमार, शिमला ) 15 नवंबर, 2015 को प्रकाशित रमेश पहाडि़या, नाहन की रिपोर्ट ‘न जात-न पात, सिर्फ इनसानियत की बात’ भारतीय समाज सुधार तथा परस्पर भाईचारे की दिशा में निस्संदेह कारगर साबित होगी। कहना न होगा कि आदिकाल में सामाजिक-आर्थिक…

अगली सरकार तक छलांग कैसे

दोबारा सत्ता में आने का हुंकारा भर कर कांग्रेस ने खुद को भाजपा के मुकाबले में देखा है और एक तरह से यह हिमाचली सत्ता का खुद से संबोधन है। शिमला में कांग्रेस रैली का उत्साह, वर्तमान सरकार को अगली सरकार तक छलांग लगाने का मंच तो अवश्य दे सकता…

असहिष्णुता की बहस बिकाऊ !

दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार संजीव उपाध्याय ने एक व्हाट्स ऐप संदेश भेजा था-न बीफ  पर कोई बयान...न किसी को गाय की याद...न अरहर की दाल की कीमत की चिंता...न अब कोई पुरस्कार लौटा रहा है और देश भी सहिष्णु हो गया...लगता है अब चुनाव खत्म हो गया है।’…

अच्छे काम की प्रतिस्पर्धा करें दल

( कुलभूषण उपमन्यु लेखक, हिमालय नीति अभियान के अध्यक्ष  हैं ) अपनी आस्था किसी पर थोपना ठीक नहीं। न हम अपनी आस्था किसी पर थोपें और न किसी को अपने पर थोपने दें। इनसानियत से ऊपर तो कोई धर्म नहीं होता। धर्म का उदय मानवता के परिष्कार के लिए ही…

हम नहीं सुधरेंगे

अबदुल्लापुर के हनुमान मंदिर के पास सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि पैदल चलना तो दूर गाड़ी में सफर करना भी खतरे से खाली नहीं हैं। सड़क पर गड्ढों का राज है। बजरी और रोड़ी का नामोनिशन मिट गया है और सड़क से झांक रहे गड्ढों में पानी भरा रहता…