19 में 7 पद भरे, उनमें भी चार डाक्टर छुट्टी पर

news newsजोगिंद्रनगर —  सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर की ओपीडी में सोमवार 12 बजे तक मात्र एक ही डाक्टर होने के कारण अव्यवस्था का माहौल रहा। लगभग डेढ़ लाख की आबादी वाले इस उपमंडल के दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को जहां एक कमरे से दूसरे कमरे के ओर दौड़ते देखा गया, वहीं अनेक लोगों ने पर्ची बनाने व काफी देर तक डाक्टरों का इंतजार करने के बाद निजी चिकित्सालयों अथवा अन्य अस्पतालों की तरफ रुख किया। 12 बजे के बाद एमडी सहित दो अन्य डाक्टर ओपीडी में बैठे, लेकिन तब तक बहुत से मरीज अस्पताल छोड़ कर जा चुके थे। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में दोपहर 12 बजे तक ओपीडी में  लगभग 270 लोगों का पंजीकरण किया गया था, जिनमें से 103 रोगियों को मेडिसिन ओपीडी, 85 जनरल ओपीडी व लगभग 55 बच्चों का पंजीकरण हो चुका था, लेकिन विभिन्न डाक्टरों के अपने-अपने कक्ष में न बैठे होने से मरीजों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं व लोग डाक्टरों की तलाश में जहां इधर-उधर भटकने को मजबूर थे, वहीं एक-दो डाक्टरों के कक्ष के बाहर भी लोगों का जमावड़ा लगा था। उल्लेखनीय है कि सिविल अस्पताल में पिछले लंबे अरसे से डाक्टरों की कमी चल रही है व डाक्टरों के स्वीकृत 19 पदों से यहां इन दिनों मात्र सात ही डाक्टर तैनात हैं, उनमें से भी सोमवार को चार डाक्टरों के एक साथ छुट्टी पर चले जाने से अस्पताल में अव्यवस्था का माहौल रहा। उधर, इस बारे में जिला चिकित्सा अधिकारी मंडी देसराज शर्मा का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी के चलते वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को एक समय में एक डाक्टर को छुट्टी पर भेजने को कहा गया है, इस बारे में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। मरीजों की सेहत से खिलवाड़ हरगिज सहन नहीं होगा।

यहां पर तो धरने-प्रदर्शन भी रहे बेअसर

सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में डाक्टरों की कमी का मुद्दा आए दिन समाचार पत्रों में भी उठता रहता है व इसे लेकर पिछले कुछ समय से राजनीति भी खूब हो रही है। जहां माकपा द्वारा किसान सभा के माध्यम से यहां डाक्टरों की कमी को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा चुका है, वहीं भाजयुमों द्वारा भी एक दिन का धरना दिया गया व 15 दिनों का अल्टीमेटम देकर अनशन करने की बात भी कही गई, लेकिन उसका भी कुछ असर नहीं रहा। इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय विधायक गुलाब सिंह ठाकुर भी प्रदर्शन कर चुके हैं, जबकि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर भी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर यहां विशेषज्ञ डाक्टरों के रिक्त पद बहुत शीघ्र भरे जाने का आश्वासन दे चुके हैं।

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