नीरज भारती को बाबा रामदेव का नोटिस

नीरज भारती को बाबा रामदेव का नोटिसनीरज भारती को बाबा रामदेव का नोटिसशिमला— सीपीएस नीरज भारती को योगगुरु रामदेव के वकील ने नोटिस थमा दिया है। भारती को इस लीगल नोटिस के जरिए कहा गया है कि यदि एक माह के भीतर वह बाबा रामदेव को पतंजलि इंजन ऑयल के साथ-साथ अन्य असंसदीय बातें कहने को लेकर माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ आपराधिक व सिविल कार्रवाई शुरू की जाएगी। बाबा रामदेव के वकील अशोक कुमार ठाकुर द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि बाबा रामदेव एक धार्मिक गुरुव योगी हैं। देश के लाखों लोगों को सद्मार्ग पर ले जाने का कार्य कर रहे हैं। बाबा राजनीतिज्ञ नहीं हैं। नीरज भारती ने जानबूझ कर अपमानजनक टिप्पणियां बाबा रामदेव के खिलाफ की हैं, जिससे उनकी मानहानि हुई है और भारती ने इसके जरिए कथित तौर पर राजनीतिक लाभ उठाने की भी चेष्टा की है। मीडिया में प्रकाशित समाचारों में नीरज भारती ने इन टिप्पणियों को स्वीकारा भी है। फेसबुक प्रोफाइल पर भी ऐसी टिप्पणियां की गई हैं। बाबा रामदेव के खिलाफ ऐसी टिप्पणियों से लाखों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। बाबा रामदेव की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए यह सब किया गया है, लिहाजा सीपीएस के खिलाफ क्यों न कानूनी व आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए। बाबा रामदेव को हरामदेव, कानिया और पतंजलि इंजन ऑयल कहकर बदनाम करने वाली सीपीएस की अपमानजनक टिप्पणियों के चलते उनके खिलाफ क्यों न कानूनी कार्यवाही शुरू की जाए। यही नहीं, नोटिस में कहा गया है कि सीपीएस ने पतंजलि की दवाओं व अन्य उत्पादों पर भी प्रतिकूल टिप्पणी की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे उत्पाद ख्याति हासिल कर चुके हैं। सरकारी महकमों द्वारा बाबा रामदेव के पतंजलि योग पीठ के उत्पादों के कई बार नमूने लिए गए, मगर कुछ भी खिलाफ नहीं निकला। ऐसे में सीपीएस द्वारा इन उत्पादों पर किस आधार पर टिप्पणी की गई। इससे यही समझा जाता है कि जानबूझ कर और ईर्ष्यावश बाबा रामदेव के खिलाफ ऐसी भद्दी टिप्पणियां की गईं। समाज में ऐसी भद्दी टिप्पणियों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। बाबा रामदेव के खिलाफ ऐसी अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर यदि सीपीएस एक माह के भीतर लिखित माफी नहीं मांगते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी, जिसके सीपीएस खुद जिम्मेदार होंगे। रजिस्टर्ड पोस्ट द्वारा यह नोटिस जारी किया गया है।

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