नशे की लत से बचाएगी खेल की धुन

भूपिंदर सिंह लेखक

(  पेनल्टी कार्नर पत्रिका के संपादक हैं )

स्कूली स्तर पर पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए उपयुक्त वातावरण जरूरी हो जाता है। आज जब चारों तरफ नशे के सौदागर घूम रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को अपने विद्यार्थी बच्चों की चिंता सता रही है। खेल ऐसा माध्यम है, जो इसमें पड़ जाता है, वह अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक हो जाता है…

हिमाचल प्रदेश में खेलों के स्तर को ऊंचा करने के लिए स्कूल स्तर से नई दिशा प्रदान करने के लिए सेवन स्टार इंटरनेशनल स्कूल वणी बड़सर आगे आया है। इस स्कूल में कुश्ती, मुक्केबाजी तथा कबड्डी के लिए खेल विंग इस वर्ष से शुरू किया जा रहा है। कुश्ती के लिए तो पूरी प्ले फील्ड सज चुकी है तथा राष्ट्रीय खेलों के स्वर्ण पदक विजेता व राज्य के प्रसिद्ध रेस्लर जौनी चौधरी स्वयं अपने प्रशिक्षण में भविष्य की प्रतिभाओं को निखारने के लिए अपना अधिकांश खाली समय देने को तैयार हैं। इस स्कूल में विभिन्न खेलों के लिए प्ले फील्ड तैयार करने की भी योजना बन चुकी है। स्कूल के अधिकांश विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों से स्कूल समय में जुड़ने का मौका वणी का यह अंतरराष्ट्रीय  सेवन स्टार स्कूल उपलब्ध करवाने जा रहा है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ी को कम से कम दस से बारह वर्ष तक समय चाहिए होता है। इसलिए बारह वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ी बालक व बालिकाओं को प्ले फील्ड तक पहुंचाना जरूरी हो जाता है।

इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम दुनिया के हर विकसित देश में चल रहा है, मगर हमारे देश में खिलाड़ी अपनी ट्रेनिंग स्कूली शिक्षा खत्म हो जाने के बाद ही नौकरी में या कालेज स्तर पर सुचारू रूप से शुरू करता है। देश में स्कूली स्तर पर विभिन्न खेलों के नियमित खेल प्रशिक्षण की कोई भी व्यवस्था नहीं है। सेवन स्टार स्कूल के प्रबंधक संदीप कंवर ने प्रदेश में खेलों के स्तर को सुधारने के लिए यह बहुत ही अच्छा प्रयास किया है। उनका कहना है कि हमारा स्कूल खेलों के प्रशिक्षण से विद्यार्थी खिलाड़ी की पढ़ाई को खराब नहीं होने देगा। इसके लिए समय सारिणी में ड्रिल के पीरियड में विद्यार्थियों की रुचि व प्रतिभा के अनुसार उन्हें उस खेल का प्रशिक्षण बिलकुल निचले स्तर से शुरू किया जाएगा। इस सबके लिए उन खेलों की प्ले फील्ड तथा अच्छे प्रोटीन युक्त आहार की व्यवस्था भी स्कूली स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों को की जाएगी। अगर अच्छा प्रशिक्षक, अच्छी प्ले फील्ड तथा उत्तम आहार होगा, तो खेल परिणाम उत्कृट आने से कोई नहीं रोक सकता है। नब्बे के दशक में सरकारी कालेज हमीरपुर तथा एमएलएसएम कालेज सुंदरनगर में एथलेटिक्स जूडो तथा मुक्केबाजी में जब प्रशिक्षण तथा प्ले फील्ड उपलब्ध करवाई गई, तो वहां के खिलाडि़यों ने खेल छात्रावासों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल को दर्जनों पदक दिलाए थे। मगर नौकरी की चाह में ये अधिकतर खिलाड़ी इससे आगे का सफर तय नहीं कर पाए थे, क्योंकि कालेज की पढ़ाई के बाद विद्यार्थी नौकरी की तलाश में खो जाता है। स्कूली स्तर पर अगर खिलाड़ी को पांच-सात वर्ष का प्रशिक्षण मिल जाता है, तो वह भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाडि़यों की सूची में आने के लिए कोई भी जोखिम उठाने को तैयार हो जाता है। इसलिए स्कूली स्तर पर पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के लिए उपयुक्त वातावरण जरूरी हो जाता है।

आज जब चारों तरफ नशे के सौदागर घूम रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को अपने विद्यार्थी बच्चों की चिंता सता रही है। खेल ऐसा माध्यम है, जो इसमें पड़ जाता है, वह अपने स्वास्थ्य के बारे में जागरूक हो जाता है। इसके साथ-साथ आज भागदौड़ का जमाना है। अधिकतर नौकरियां निजी क्षेत्र में हैं। वहीं नौकरी करने के लिए लगातार फिट रहने की जरूरत है और फिट तभी रह सकते हैं यदि किशोर अवस्था से ही फिटनेस की आदत डाल दी जाती है। सारे के सारे स्कूल के विद्यार्थियों की फिटनेस जरूरी है और स्कूल में खेलों के माध्यम से यह सुविधा हो तो अनफिट विद्यार्थियों में से सबसे फिट भविष्य के विजेता खिलाड़ी भी निकाले जा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के अच्छे निजी स्कूलों को खेल प्रतिभा व सुविधा के अनुसार एक दो खेलों को गोद लेना चाहिए और राज्य में खेलों के लिए उपयुक्त माहौल तैयार करना चाहिए जैसे सेवन स्टार स्कूल वणी ने पहल की है। विश्व स्तर पर अपने को श्रेष्ठ सिद्ध करने के लिए आज न तो कोई युद्ध हो सकता है और न ही कोई वैज्ञानिक प्रतियोगिता, केवल खेल ही एक मात्र माध्यम है, जिससे हम शांतिपूर्वक व अंतरराष्ट्रीय भाईचारे में रह कर भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर सकते हैं। ओलंपिक या विश्व प्रतियोगिता में जो जीतता है, उसके देश का ध्वज सबसे ऊपर उठता है और उसके राष्ट्रीय गान की धुन पूरे संसार को आदर के साथ सुननी पड़ती है। इसलिए खेल को स्कूली स्तर पर सुचारू रूप से शुरू करवाने से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट खेल परिणाम आगे चल कर आ सकते हैं। वणी में शुरू हुए इस प्रयास का हिमाचल खेल जगत स्वागत करता है तथा कामना करता है कि यह नेक प्रयास सफल हों।

ई-मेलः penaltycorner007@rediffmail.com

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