25 साल बाद घर पहुंचा मंडी का बेटा

चेन्नई के डाक्टर ने फिर परिजनों से मिलाया, दिल्ली से गायब हुआ था कृष्ण

newsमंडी – मानसिक रोगियों को देखकर अकसर लोग मुंह फेर लेते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके लिए मानसिक रोगी आम इनसान से बढ़कर हैं। ये लोग न सिर्फ संसार के लिए मानवता की मिसाल हैं, बल्कि शायद असल में ईश्वर का वरदान भी हैं। ऐसे ही एक शख्स की वजह से मंडी के एक परिवार को उनका बेटा 25 साल बाद वापस मिला है। मंडी शहर के सुहड़ा मोहल्ला के एक परिवार की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है, क्योंकि उनका खोया बेटा कृष्ण कुमार 25 साल के बाद घर लौटा है। इन 25 वर्षों में कृष्ण ने ज्यादातर समय कृष्ण इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल हैल्थ अस्पताल किलपाउक चेन्नई में काटा है। इसी अस्पताल में  डा. ललित कदम के प्रयासों व पहल से अब कृष्ण अपने घर पहुंच सका है। कृष्ण को मंडी पुलिस जवान चेन्नई जाकर घर ले आए हैं। बताया जाता है कि 25 वर्ष पहले कृष्ण दिल्ली में काम करने के लिए गया था, लेकिन वहां से लापता हो गया। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। परिवार के लोग तो अब कृष्ण को भूल ही बैठे थे, लेकिन कृष्ण न जाने कैसे चेन्नई पहुंच गया। कुछ दिन पहले अचानक मिली एक चिट्ठी ने एक बार फिर से बिछड़े बेटे की यादों को ताजा कर दिया। इस चिट्ठी में लिखा था कि कृष्ण इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल हैल्थ अस्पताल किलपाउक चेन्नई में मानसिक रोगी के रूप में दाखिल है। बताया जा रहा है कि जब कृष्ण चेन्नई पहुंचा तो उसे किसी संस्था ने मानसिक रोगी होने के कारण अस्पताल में भर्ती करवा दिया । इसी बीच वह अस्पताल में कार्यरत डा. ललित कदम के संपर्क में आया। हालत में कुछ सुधार होने के बाद डा. कदम ने उससे घर का पता पूछा और इसके बाद परिवार को एक चिट्ठी भेज कर सूचित कर दिया। इसके बाद गरीब परिजन अधिवक्ता आकाश शर्मा के माध्यम से उपायुक्त से मिले और अब जाकर पुलिस की मदद से कृष्ण को घर वापस लाया गया है, वहीं कृष्ण के परिजनों का कहना है कि वह ताउम्र डा. ललित कदम, जिला उपायुक्त मंडी और जिला पुलिस प्रशासन मंडी के अभारी रहेंगे।

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