देश के टॉप 100 में नहीं एचपीयू

By: Apr 4th, 2017 12:15 am

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने घोषित किया नेशनल इंस्टीच्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क 2017 रिजल्ट

newsशिमला  —  देश के टॉप 100 उच्च शिक्षण संस्थानों में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एक बार फिर अपनी जगह नहीं बना पाया है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से नेशनल इंस्टीच्यूट रैंकिंग फे्रमवर्क के तहत देश के टॉप 100 शिक्षण संस्थानों की वर्ष 2017 की रैंकिंग जारी कर दी गई है। सरकार की ओर से जारी की गई रैंकिंग में प्रदेश विवि न तो ओवर ऑल 100 संस्थानों में अपनी जगह बना पाया है न ही देश के विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में विवि को जगह मिली है। रैंकिंग में ओवर ऑल संस्थानों में इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ साइंस बंगलूर को पहला स्थान दिया गया है, जबकि दूसरे स्थान पर आईआईटी चैन्नई है। प्रदेश से इस ओवर ऑल रैंकिंग में दो शिक्षण संस्थान ही अपनी जगह बनाने में सफल हो पाए हैं। इसमें इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मंडी को 45.62 अंक से 37वां स्थान प्राप्त हुआ है व डा. वाईएस परमार बागबानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय को 39.54 अंकों के साथ ओवर ऑल रैंकिंग में 84वां स्थान मिला है। सोमवार को केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के मानव विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संस्थानों की यह रैंकिंग जारी की है। इससे पहले वर्ष 2016 में यह प्रक्रिया शुरू की गई थी। रैंकिंग फे्रमवर्क के तहत मंत्रालय ने देश के सभी शिक्षण संस्थानों को ओवर ऑल रैंकिंग करने के साथ ही इंजीनियरिंग संस्थानों, मैनेजमेंट संस्थानों, विश्वविद्यालयों, कालेजों सहित फार्मेसी संस्थानों की अलग-अलग रैंकिंग तय की है। इसमें इंजीनियरिंग संस्थानों में पहला स्थान इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास को, दूसरा स्थान इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मुंबई व तीसरा स्थान इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी खड़गपुर को मिला है, जबकि 28वां स्थान इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मंडी और 59वां स्थान नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हमीरपुर को मिला। इसके अलावा जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी सोलन को 83वां स्थान मिला है। मैनेजमेंट संस्थानों में इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद को पहला, बंगलूर को दूसरा और कोलकाता को तीसरा स्थान मिला है। मैनेजमेंट में प्रदेश का कोई भी संस्थान जगह नहीं बना पाया है। देश के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की रैंकिंग की बात की जाए तो इसमें पहला स्थान इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ साइंस बंगलूर को, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली को दूसरा और बनारस हिंदू विवि को तीसरा स्थान मिला है। विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में प्रदेश से डा. वाईएस परमार बागबानी और वानिकी विश्वविद्यालय को 54वां और जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी सोलन को 93वां स्थान मिला है। फार्मेसी में शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायो टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंस सोलन ही अपनी जगह बना पाया है। संस्थान को 39वां स्थान फार्मेसी संस्थानों में प्राप्त हुआ है। कालेजों की रैंकिंग में प्रदेश से कोई भी कालेज इस रैकिंग में शामिल नहीं हो पाया है।

हिमाचल के संस्थानों की रैंकिंग

संस्थान    रैंक

इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मंडी   37वां स्थान

बागबानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय       84वां स्थान

नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हमीरपुर           59वां स्थान

जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी सोलन  83वां स्थान

शूलिनी विश्वविद्यालय टॉप-200 में

सोलन  — मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नेशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत सोमवार को देश के टॉप-200 शिक्षण संस्थानों की सूची जारी की गई है। इस सूची में हिमाचल प्रदेश के दो निजी व तीन सरकारी विश्वविद्यालय शामिल हैं। निजी विश्वविद्यालय की श्रेणी में शूलिनी विश्वविद्यालय को उत्तरी भारत के शीर्ष 10 निजी विश्वविद्यालयों में शामिल किया गया है। एनआईआरएफ द्वारा आयोजित इस रैंकिंग सूची को दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर द्वारा जारी किया गया है। हिमाचल के चार विश्वविद्यालयों को टॉप-150 में जगह मिली है, जिसमें दो निजी और दो सरकारी विश्वविद्यालय शामिल हैं। प्रदेश विश्वविद्यालय व शूलिनी विश्वविद्यालय 101-150 की लिस्ट में हैं। धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय को 151-200 की सूची में रखा गया है। मंत्रालय द्वारा 101 से 200 स्थान की सटीक रैंकिंग अभी जारी की जानी है। शूलिनी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ  फार्मास्यूटिकल साइंसेज हिमाचल प्रदेश का नंबर एक फार्मेसी संस्थान के रूप में उभर के आया है। इस संस्थान को एनआईआरए की फार्मेसी श्रेणी में देश में 39वां स्थान मिला है। शूलिनी विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रोफेसर पीके खोसला ने कहा कि शीर्ष 150 की लिस्ट में शामिल होने वाले विश्वविद्यालयों में शूलिनी सबसे कम उम्र के विश्वविद्यालयों में से एक है। उन्होंने कहा कि हमारे फार्मेसी स्कूल ने एक बार फि र राज्य का नाम ऊंचा किया है।

एचपीयू को ए ग्रेड के बाद भी स्थान नहीं

नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ रैंकिंग फे्रमवर्क में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इस वर्ष नैक से ए गे्रड मिलने के बाद भी स्थान नहीं बना पाया है। गत वर्ष जहां एचपीयू ने इसके लिए आवेदन न करने का तर्क दिया था, वहीं इस वर्ष 2017 में विवि ने इस रैंकिंग फे्रमवर्क के लिए आवेदन भी किया था, लेकिन इसके बाद भी विवि प्रदेश के ओवर ऑल टॉप 100 संस्थानों में रैंकिंग में जगह न पाने के साथ ही टॉप 100 विश्वविद्यालयों की रैकिंग में भी जगह नहीं बना पाया है।

संस्थानों की रैंकिंग में आई गिरावट

देश के इंजीनियर कालेजों में इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ  टेक्नोलॉजी मंडी को जहां 2016 में 20वां स्थान मिला था, वहीं 2017 में इसकी रैंकिंग में गिरावट आई है और अब यह रैंकिंग में 28वें स्थान पर चला गया है। वहीं नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी हमीरपुर की रैंकिंग में भी गिरावट आई है। वर्ष 2016 में इसका रैंक 51 था, जो अब 59 पहुंच गया है। वहीं  जेपी विश्वविद्यालय सोलन को 2016  में 37वां स्थान मिला, जो इस वर्ष 93 पर पहुंच गया है।

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