शिक्षकों ने चैक नहीं किए पेपर

Apr 27th, 2017 12:15 am

newsबिलासपुर— हिमाचल प्रदेश राजकीय कालेज प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) ने आंतरिक (इंटरल) पेपर चैकिंग की व्यवस्था कड़ा विरोध जताने के साथ ही बुधवार से पेपर चैकिंग का बहिष्कार कर दिया है। संघ ने प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन से बाह्य (एक्सटर्नल) पेपर चैकिंग करवाने की वकालत की है। संघ का कहना है कि इस व्यवस्था से शिक्षा में क्वालिटी मेंटेन रहेगी और सीक्रेसी भी। बुधवार को हिमाचल प्रदेश राजकीय कालेज प्राध्यापक संघ के उपाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सभी महाविद्यालयों में जिन प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को पढ़ाया है, उनके पेपर उन्हीं प्राध्यापकों से चैक करवाना चाहता हैं, जिसका संघ विरोध करता है। उन्होंने कहा कि दिसंबर, 2016 में एमए अर्थशास्त्र की जो परीक्षाएं हुई थीं, उनमेें विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में पढ़ने वाले सारे रेगुलर विद्यार्थियों में से एमए प्रथम सत्र के प्रथम पेपर में 475 में से लगभग 384 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए थे, जबकि एक विद्यार्थी फेल हुआ, द्वितीय पेपर में कुल 475 विद्यार्थियों में से लगभग 405 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि दो फेल हुए। एमए तृतीय सत्र के पहले पेपर में कुल 381 में से लगभग 362 की प्रथम श्रेणी, जबकि एक विद्यार्थी फेल हुआ। दूसरे पेपर में 375 में से लगभग 353 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में पास हुए, जबकि एक विद्यार्थी फेल हुआ। इसी तरह तृतीय पेपर में 374 में से लगभग 370 प्रथम श्रेणी में पास हुए, जबकि एक फेल हुआ है। इसमें कहीं न कहीं गड़बड़ी की बू आती है। प्रो. सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि संघ चाहता है कि शिक्षा में गुणवत्ता व पेपर में सीक्रेसी बनाए रखने के लिए पुराने वर्षों की भांति इस वर्ष भी पेपर की एक्सटर्नल चैकिंग करवाई जाए। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तब तक पेपर चैक  नहीं किए जाएंगे।

स्पेशल इंक्रीमेंट को आवाज

संघ ने सरकार से मांग की है कि संघ की लंबित पड़ी मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए। मांगों में एमफिल व पीएचडी करने वालों की स्पेशल इन्क्रीमेंट बहाल की जाए, महाविद्यालयों में प्रोफेसर के पद सृजित किए जाएं, प्राध्यापकों व प्राचार्यों की लंबित डीपीसी को अतिशीघ्र करवाया जाए।

पैट को भी पक्का कर दो

शिमला – प्रदेश में 3400 के करीब पैट अध्यापकों को नियमित न करने का विरोध संघ द्वारा किया जा रहा है। अखिल भारतीय अस्थायी अध्यापक महासंघ का कहना है कि 14 साल के लंबे कार्यकाल और सभी योग्यताओं को पूरा करने के बाद भी प्रदेश के 3400 पैट अध्यापकों को नियमित नहीं किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील चौहान ने आरोप लगाते हुए कहा कि आज प्रदेश के 3400 पैट अध्यापक ठगा सा महसूस कर रहे है। एक अनुबंध कर्मचारी तीन साल में नियमित किया जा रहा है, लेकिन पैट अध्यापकों को 14 साल बाद भी नियमित नहीं किया जा रहा है। महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार और विभाग से मांग की है कि पैट के नियमितीकरण को लेकर सरकार और विभाग जल्द नीति सार्वजनिक करें। सभी पैट अध्यापकों के एकमुश्त नियमितीकरण को लेकर ठोस नीति जल्द बनाई जाए तथा नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। महासंघ में उम्मीद जताई है कि सरकार और विभाग इस दिशा में जल्द कोई ठोस कदम उठाएंगे तथा पैट अध्यापकों को राहत प्रदान करेंगे।

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