जल्द ही तूड़ी के ब्लॉक खाएंगे बेजुवान

बिलासपुर में पहला कंप्रेस्ड फॉडर प्लांट स्थापित, प्रोडक्शन से पहले ट्रायल शुरू

newsबिलासपुर— हिमाचल प्रदेश मिल्क फेडरेशन की मंडी यूनिट ने बिलासपुर में सूबे का पहला कंप्रेस्ड फॉडर प्लांट (पशु चारा संयंत्र) स्थापित कर दिया है। इस संयंत्र में पशु पालन विभाग के विशेषज्ञों द्वारा तय मानकों के अनुसार तूड़ी के ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। इसके लिए ट्रायल बुधवार से आरंभ हो गया है। जुलाई माह से इस संयंत्र में प्रोडक्शन शुरू कर दी जाएगी। को-आपरेटिव सोसायटियों के माध्यम से पूरे प्रदेश भर में तूड़ी के ब्लॉक की सप्लाई की जाएगी। प्रोडक्शन शुरू होने से प्रदेश के पशुपालकों को उत्तम किस्म के पशुचारे के लिए दूसरे राज्यों की दौड़ नहीं लगानी पडे़गी। पशुचारा संयंत्र में उत्पादन को लेकर ट्रायल के लिए बिलासपुर पहुंचे कंसल्टेंट हीरा सिंह ठाकुर ने बताया कि तूड़ी के ब्लॉक वैज्ञानिक तकनीक से तैयार किए जाएंगे, ताकि उन्हें कम से कम एक साल तक स्टोर करके रखा जा सकेगा। कई बार पशु पालकों को अपने मवेशियों के लिए हरा चारा नहीं मिल पाता है। उस स्थिति में तूड़ी के ये ब्लॉक मवेशियों के लिए संपूर्ण आहार के रूप में प्रयोग किए जा सकेंगे। ट्रायल के बाद 10 से 15 दिनों के भीतर तूड़ी ब्लॉक का उत्पादन शुरू किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में 50 फीसदी तूड़ी होगी, जबकि बाकी 50 फीसदी में मिनरल मिक्सचर, शीरा (लाट), नमक व राइस पॉलिश (चावलों का चूरा) जैसे पौष्टिक तत्व शामिल होंगे। मवेशियों के लिए यह एक तरह से संपूर्ण खुराक होगी। प्रत्येक ब्लॉक का वजन पांच से 10 किलोग्राम होगा। इसकी कीमत ट्रायल के दौरान लागत पर आधारित होगी। अनुमान के अनुसार पशु पालकों को तूड़ी के ब्लॉक औसतन 10 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध होंगे।

भवन-मशीनरी पर एक करोड़ खर्च

बिलासपुर के निहाल सेक्टर में फेडरेशन की मंडी यूनिट के मिल्क चिलिंग प्लांट के पास कंप्रेस्ड फॉडर प्लांट के भवन का निर्माण काफी समय पहले पूरा हो चुका है। मशीनरी इंस्टाल करने के साथ ही रॉ मैटीरियल का स्टॉक भी पहुंच चुका है। भवन व मशीनरी पर लगभग एक करोड़ रुपए की लागत आई है। पंजाब से विशेषज्ञों की एक टीम कंप्रेस्ट फॉडर प्लांट के ट्रायल के लिए बिलासपुर पहुंची है।

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