सिल्ट-गाद से घटा बिजली उत्पादन

newsकुल्लू — प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण जहां करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं, दूसरी ओर जल विद्युत परियोजना प्रबंधनों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बरसात होने के बाद नदी-नालों का जलस्तर तो काफी ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन पानी के ज्यादा बहाव के कारण सिल्ट और गाद भी काफी ज्यादा मात्रा में आ रही है। ऐसे में प्रोजेक्टों के रनर खराब न हों, उसके लिए प्रोजेक्ट प्रबंधनों को कई बार बिजली का उत्पादन भी रोकना पड़ रहा है। हाल ही में गर्मियों के मौसम में जल विद्युत परियोजनाओं का विद्युत उत्पादन बढ़ा था, लेकिन अब फिर घटना शुरू हो गया है। जिला कुल्लू के विभिन्न प्रोजेक्ट प्रबंधनों से मिली जानकारी के अनुसार  इन दिनों पानी में काफी ज्यादा मात्रा में सिल्ट और गाद आ रही है, जिससे कि प्रोजेक्टों को चलाना भी मुश्किल हो गया है। कुल्लू में प्रदेश सरकार की 126 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना का उत्पादन भी पानी में सिल्ट व गाद आने के कारण फिर 90 मेगावाट तक पहुंच गया है। इतना ही नहीं अगर सिल्ट की मात्रा इस प्रोजेक्ट के लिए 2000 पीपीएम से ज्यादा हो जाए तो फिर इस प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन रोकना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल कुल्लू में चल रही एनएचपीसी परियोजना का है। देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी को भी पानी में सिल्ट व गाद की मार झेलनी पड़ रही है।

पूरा कर लेंगे घाटा

प्रोजेक्ट प्रबंधनों ने दावा किया है कि आने वाले समय में विद्युत उत्पादन का यह घाटा पूरा कर लिया जाएगा। सिल्ट और गाद ने प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं को भी काफी प्रभावित किया है। प्रदेश विद्युत कारपोरेशन शाढ़ाबाई वृत के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर प्रवेश ठाकुर ने बताया कि लगातार बारिश होने के बाद बेशक नदी-नालों का जल स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन पानी में सिल्ट और गाद काफी ज्यादा आ रही है, जिसके चलते विद्युत उत्पादन लगातार कम हो रहा है।

भारत मैट्रीमोनी पर अपना सही संगी चुनें – निःशुल्क रजिस्टर करें !

You might also like