80 साल की उम्र में भी पढ़ाई का जज्बा बरकरार

newsशिमला — जब दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो या फिर शिक्षा के प्रति आप में गजब की लगन हो तो उसमें उम्र कोई बाधा नहीं बन सकती। इसी बात को सार्थक किया है सिरमौर जिला की मोहिनी तोमर ने। 80 वर्ष की आयु में भी मोहिनी तोमर का शिक्षा ग्रहण करने और शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया कर गुजरने की चाह है। यही वजह है कि वह अब इंदिरा गांधी दूरवर्ती अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। शिक्षा के लिए उन्होंने जिस विषय का चयन किया है, वह प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश भर के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण है। मोहिनी तोमर आपका भोजन और उसकी उपयोगिता विषय से भोजन और पोषण में प्रमाण पत्र कार्यक्रम कर रही हैं। इसी विषय की परीक्षा देने के लिए वह मंगलवार को अध्ययन केंद्र 1101 राजकीय महाविद्यालय संजौली में पहुंचीं। परीक्षा केंद्र में परीक्षा निरीक्षण के लिए पहुंचे प्रो. नरेश महाजन ने जब मोहिनी तोमर को परीक्षा देते हुए देखा और उनके पहचान पत्र को चैक किया तो वह हैरान रह गए। वरिष्ठ नागरिकों के इस तरह के जज्बे से उन्होंने परीक्षा समन्वयक डा. गोपाल चौहान को अवगत करवाते हुए कहा कि इस तरह के वरिष्ठ नागरिकों का परीक्षा केंद्र में पूरी तरह से ध्यान रखना चाहिए। मोहिनी तोमर के इस हौसले को देखते हुए डा. गौपाल चौहान ने कहा कि अध्ययन केंद्र 1101 राजकीय महाविद्यालय संजौली स्वयं को सौभाग्यशाली मानता है कि मोहिनी तोमर जैसे व्यक्तित्व उनके केंद्र की विद्यार्थी हैं। मोहिनी तोमर मूलतः हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद से संबंध रखती है। सन् 1955 ई. में अपनी हायर सेकेंडरी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत वह आज सन् 2017 में भी भारत वर्ष के छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। जीवन के इस पड़ाव में भोजन और पोषण में प्रमाण पत्र की पढ़ाई हिमाचल प्रांत के लिए अपितु संपूर्ण देश के लिए मील का पत्थर है।

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