नगर परिषद अनजान, वास्तुकार कर रहा काम

कुल्लू  —  नगर परिषद को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के रूल ही पता नहीं है, जबकि सरकार ने उन्हें शहर में बनने वाले मकानों की एनओसी देने की पावर दे डाली है। इतना ही नहीं नगर परिषद कुल्लू ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नक्शे पास करने के लिए आउटसोर्स पर एक वास्तुकार भी रख लिया है। वहीं, अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से नक्शे सीधे वास्तुकार के कार्यालय में जाते हैं तथा वास्तुकार अपने नक्शों को भी खुद ही पास कर रहा है। वहीं, अपने कंपीटेटर की फाइल पर कई तरह की आपत्तियां जताई जा रही हैं, जिससे कि नगर परिषद कुल्लू की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। हालांकि नगर परिषद कुल्लू कम स्टाफ होने का रोना रो रही है, जिसके के चलते आउट सोर्स पर वास्तुकार को रखा गया है, लेकिन वास्तुकार अपने नक्शों को जिस तरह से स्वयं ही पास कर रहा है, उससे अन्य लोगों में भी नगर परिषद के खिलाफ धीरे-धीरे रोष पनपना शुरू हो गया है। इतना ही जब से ये पावरें नगर परिषद कुल्लू को मिली हैं, तब से इसमें किसी भी तरह की कोई पारदर्शिता भी नहीं रह गई है। नगर परिषद में अपना अच्छा-खासा प्रभाव रखने वाले लोग अपने नक्शों को ऐसे भी पास करवा ले रहे हैं। ऐसे में अब फिर से यह स्वर उठने शुरू हो गए हैं कि वापस यह पावरें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को ही चली जानी चाहिएं। उल्लेखनीय है कि शहर में मकान बनाने से पहले नगर परिषद से नक्शा पास करवाकर एनओसी लेनी पड़ती है। उसके बाद ही अन्य विभाग जैसे आईपीएच और बिजली बोर्ड बिजली व पानी के कनेक्शन के लिए अपनी हरी झंडी प्रदान करते हैं, लेकिन इन दिनों कुल्लू नगर परिषद में पारदर्शिता तरीके से नक्शों को पास नहीं किया जा रहा है। प्रश्न यही उठ रहा है कि जो वास्तुकार स्वयं शहर में लोगों के नक्शे बना रहा है वह अपने नक्शे स्वयं ही पास कर रहा है। उधर, नगर परिषद कुल्लू के जेई जीवा नंद का कहना है कि नगर परिषद में इन दिनों स्टाफ की कमी चल रही है, जिसके चलते नक्शों को चैक करने के लिए आउटसोर्स पर एक वास्तुकार को रखा गया है।

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