जमीन ट्रांसफर, पर नहीं बना गोसदन

हमीरपुर —  सरकार द्वारा ग्राम पंचायत में गोसदन खोलने के दावे कागजों में ही दफन हो चले हैं। डेढ़ साल पहले पंचायती विभाग के नाम स्थानांतरित की गई भूमि पर गोसदन निर्माण के लिए बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। ऐसे में जहां बेसहारा पशुओं से लोगों की मुसीबतें बढ़ी हैं, वहीं सरकार के खोखले दावों ने भी लोगों के जख्मों पर नमक डालने का काम किया है। यह वाकया ग्राम पंचायत उखली का है। लोगों ने उपायुक्त से मांग की थी कि गोसदन के लिए जल्द बजट उपलब्ध करवा दिया जाए, ताकि लोगों को बेसहारा पशुओं से निजात मिल सके। जाहिर है कि 13वें वित्त आयोग के तहत हरेक पंचायत में गोसदन निर्माण के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी भूमि के लिए निर्धारित सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद भूमि पंचायती राज विभाग के नाम की गई। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने स्तर पर उपायुक्त से भी गोसदन निर्माण के लिए बजट उपलब्ध करवाए जाने की मांग की। बजट के नाम पर एक फूटी कौड़ी तक पंचायत को नहीं मिली है। ऐसे में लोगों में सरकार व प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है। इन लोगों का कहना है कि अगर सरकार द्वारा जारी किया गया बजट गोसदन निर्माण के लिए कम पड़ता है तो वे अपने स्तर पर भी सहयोग करेंगे। बेसहारा पशुओं की समस्या से जूझ रही इस पंचायत के लोग इस बार चुनावों में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बारे में ग्राम पंचायत प्रधान उखली सुशील कुमार का कहना है कि गोसदन निर्माण के लिए लैंड संबंधित विभाग के नाम ट्रांसफर कर दी गई है। उपायुक्त हमीरपुर से भी बजट उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। डेढ़ साल बाद भी बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है।