किसानों के लिए बीज का बंदोबस्त

पालमपुर —  आने वाले रबी सीजन के लिए कृषि विभाग ने तैयारी कर ली है और करीब 7650 मीट्रिक टन बीज का प्रबंध किया है। विभाग ने तीन लाख 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बिजाई का लक्ष्य रखा है। साथ ही प्रदेश में जैविक खेती के तहत और अधिक क्षेत्र लाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। यह जानकारी प्रदेश कृषि विभाग के निदेशक डा. राज शर्मा ने कृषि विवि में रबी फसलों पर आयोजित राज्य स्तरीय कृषि अधिकारी कार्यशाला में दी। इस मौके पर राज्य के कृषि विभाग के 150 कृषि अधिकारियों और विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. अशोक कुमार सरियाल ने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध कृषि तकनीकों का उपयोग कर इस क्षेत्र में चुनौतियों को पार करना होगा। 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने के लिए विवि में मॉडल विकसित किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रोत्साहित किया कि वे ऐसे मॉडल अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करें। उन्होंने फसल उत्पादन के लिए पानी की प्रत्येक बूंद के उपयोग की भी वकालत की और यह खुलासा किया कि उनका विश्वविद्यालय बड़े पैमाने पर गुणवत्ता वाले बीज का उत्पादन करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके लिए जायका को एक करोड़ का प्रोजेक्ट भेजा गया है।

कार्यक्रमों में जरूर पहुंचें किसान

कुलपति ने गुणवत्ता के बीज उत्पादन कार्यक्रमों में प्रगतिशील किसानों की भागीदारी का सुझाव दिया। अनुसंधान निदेशक डा. राजेंद्र सिंह जम्वाल ने बताया कि पांच नई फसल किस्में राज्य में खेती के लिए जारी की गई हैं और लगभग एक दर्जन फसल की किस्म पाइपलाइन में हैं। कुलपति ने इस दौरान अधिकारियों से समय-समय पर कृषि विभाग की योजनाएं किसानों को बताने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए ऐसे मॉडल अपनाएं, जिससे उनकी आर्थिकी सुदृढ़ हो।

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