कुल्लू में आस्‍था का महामेला

अपने दशहरे के विदेशी भी कायल

कुल्लू पहुंचे विदेशी शोधार्थी, जैम पैक शहर में कमरे न मिलने से सैलानियों को चुकाने पड़ रहे महंगे दाम

newsnewsकुल्लू- अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव शुरू होते ही देवभूमि कुल्लू भी पर्यटकों से पूरी तरह से पैक हो गया है। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव होने के चलते कुल्लू-मनाली के होटल भी पूरी तरह से पैक हो गए हैं। इतना ही नहीं वीआईपी मूवमेंट होने के चलते प्रशासन के रेस्ट हाऊस भी पूरी तरह से पैक चल रहे हैं। ऐसे में दशहरा उत्सव देखने कुल्लू पहुंचे विदेशी सैलानियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के इस सबसे बड़े देव महाकुंभ पर 15 से 20 देशों के विभिन्न शोधार्थी भी कुल्लू पहुंचे हुए हैं। विदेशों से आए हुए सैलानी अपने-अपने कैमरों में दशहरा उत्सव में हुए दैवीय कार्यक्रमों को कैद करते रहे, जिस तरह से अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के चलते कुल्लू-मनाली सैलानियों से पूरी तरह से पैक हो गया है,  उसको देखते हुए होटल संचालकों ने भी होटलों के कमरों के दामों को बढ़ा दिया है। बिना पर्यटक सीजन में सैलानियों को जो कमरा 600 से 800 रुपए तक मिल रहा था। दशहरा उत्सव में उन कमरों के दाम 2000 से 2500 रुपए तक पहुंच गए हैं। ऐसे में दशहरा उत्सव में होटल संचालक खूब चांदी कूट रहे हैं। इतना ही नहीं कुल्लू में अधिकतर लोगों ने दशहरा उत्सव में आए हुए व्यापारियों ने एक-एक माह से कमरों को ही किराए पर लेकर रखा हुआ है। ऐसे में होटल संचालकों के साथ-साथ कई अन्य लोग भी कमाई कर रहे हैं। प्रशासन ने भी दशहरा उत्सव में वीआईपी मूवमेंट होने के चलते रेस्ट हाऊस के साथ-साथ जिला के कुल्लू के तमाम नामी-गिरामी होटलों में भी कमरों की बुकिंग को करवाकर रखा हुआ है। मनाली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर का भी कहना है कि दशहरा उत्सव होने के चलते होटलों की एक्यपेंसी 100 प्रतिशत हो गई है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल संचालक भी काफी खुश नजर आ रहे हैं।

You might also like