मंडी का डाहर गांव राख

2: 30 बजे दोपहर घास के ढारे से भड़की चिंगारी         36 आशियाने सुलगे…        31 परिवार बेघर      120 लोगों से छीनी छत

बालीचौकी – जिला मंडी की बालीचौकी तहसील के डाहर गांव में सोमवार दोपहर बाद आग के तांडव में पूरा गांव ही राख हो गया। अग्निकांड में करीब 36 घर स्वाह हो गए, जिसमें लगभग 31 सड़क पर आ गए हैं। खबर लिखे जाने तक घटनास्थल में राहत एवं बचाव कार्य जारी था। जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर तीन बजे गांव में चिंगारी सुलगी और देखते ही देखते पूरा गांव आग की चपेट में आ गया। बालीचौकी तहसील के इस गांव में दलित समुदाय के लोग रहते हैं। चश्मदीदों के मुताबिक सबसे पहले आग घास के एक ढारे में लगी और देखते ही देखते आग ने पूरा गांव चपेट में ले लिया। घटना के बीच स्थानीय लोगों व प्रभावित गांव के समीप संगठनात्मक कार्य से गए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ स्वयंसेवकों ने न केवल राहत व बचाव कार्यों में भाग लिया, बल्कि स्थानीय प्रशासन को भी इस भीषण अग्निकांड की सूचना दी। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने सबसे पहले गोशाला में बंधे मवेशियों को निकालना शुरू किया, लेकिन सामान नहीं निकाल पाए। घटनास्थल पर पहुंचे बालीचौकी निवासी संजीव शर्मा ने बताया कि गांव के अधिकांश पुरुष बालीचौकी में मुख्यमंत्री की रैली के लिए गए थे, जिस कारण गांव में महिलाएं एवं बच्चे ही थे। अभी तक नुकसान का कोई अंदाजा नहीं है।

…उस वक्त खाली था गांव

जिस वक्त आग लगी, उस समय गांव में कोई भी नहीं था। ऐसे में काफी देर तक आग लगने का पता ही नहीं चल पाया। जिस जगह सबसे पहले आग लगी, वह गांव के बिलकुल बीचोंबीच था। एक बुजुर्ग का चेहरा भी हल्का सा जल गया। मौके पर न तो कोई फर्स्ट ऐड भी नहीं थी। पंचायत में एक हैल्थ सब सेंटर है, उसमें भी हैल्थ वर्कर नहीं है। भीष्ण अग्निकांड के बाद प्रभावितों की पहली रात अलाव के सहारे ही गुजरी।

खाने-पीने की व्यवस्था

आग में घर जलने के बाद रात आठ बजे तक सभी प्रभावितों के लिए खान-पान की व्यवस्था कर दी गई थी। हालांकि घटनास्थल दूर होने के कारण तिरपाल और कंबल मंगवाए गए थे, लेकिन खबर लिखे जाने तक कंबल और तिरपाल सहित अन्य सामग्री घटनास्थल तक नहीं पहुंची थी। अग्निकांड का पता लगते ही एडीएम मंडी राजीव कुमार भी तुरंत मौके के लिए रवाना हुए। उनके अलावा स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस जवान भी मौके पर डटे हुए थे। एडीएम मंडी खुद मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा ले रहे थे।

…तब तक जल गया सब

डाहर में जब तक सब कुछ राख हो चुका था, तब जाकर फायर बिग्रेड पहुंची, लेकिन तब तक लोगों के आशियाने जल चुके थे। इसके बाद फायर बिग्रेड को भी बिना कुछ किए ही लौटना पड़ा। अढ़ाई बजे आग लगी थी और मौके पर पांच बजे के बाद फायर ब्रिगेड पहुंची। फायर बिग्रेड 40 से ज्यादा किलोमीटर दूरी से पहुंची। ऐसे में इतने में गांव को राख होने से नहीं बचाया जा सका।

शून्य रहता है पारा

स्थानीय पंचायत के प्रधान महेंद्र राणा ने बताया कि गांव में निर्मित 36 घर जल जाने से गांव के 34 परिवार सर्द मौसम में खुले आसमान तले आ गए हैं। बालीचौकी से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव में रात को तापमान शून्य डिग्री के आसपास रहता है। तहसीलदार बालीचौकी अनिल कुमार ने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए रहने और खाने की भी व्यवस्था की जा रही है और तिरपालों से अस्थायी आवास तैयार कर प्रभावितों को ठहराया जाएगा।

घटना पर जताया दुख

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने आगजनी की घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने गांववासियों को हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंडी के डीसी को निर्देश दिए हैं कि प्रभावितों को हर मदद दी जाए और उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था भी की जाए।  स्थानीय विधायक जयराम ठाकुर मिल्कफेड के अध्यक्ष चेतराम ठाकुर व जिला परिषद सदस्य संतराम ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से प्रभावितों की हर संभव मददकरने का आग्रह किया है।

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