हमीरपुर सदर में भगवा ही दिखाता आ रहा है जलवा

हमीरपुर – जनसंघ के सबसे मजबूत दुर्ग हमीरपुर सदर की सीट पर भाजपा का एक छत्र राज रहा है। यहां से ठाकुर जगदेव चंद और प्रेम कुमार धूमल का विजयरथ कभी कांग्रेस नहीं रोक पाई है। भाजपा के इस रथ को लेकर इस बार जगदेव ठाकुर के बेटे नरेंद्र ठाकुर चुनावी रण में उतरे हैं। उनके सामने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खास सिपहसालार पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया कांग्रेस कुनबे से टक्कर दे रहे हैं। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के क्लीन स्वीप में जगदेव चंद ठाकुर 60 फीसदी वोट लेकर चुनाव जीते थे। इसके बाद वर्ष 1982 में लगातार दूसरी बार जगदेव चंद ठाकुर ने रिकार्ड मतों के साथ कांग्रेस के बाबू राम मंडयाल को हराया। इस दफा जगदेव चंद ठाकुर को 70 फीसदी से ज्यादा मत हासिल हुए थे। इस कारण कांग्रेस को 6614 मतों से करारी शिकस्त दी थी। वर्ष 1985 में भी जगदेव चंद ठाकुर का करिश्मा बरकरार रहा। इस बार उन्हें 69 प्रतिशत मत हासिल हुए और कांग्रेस के मेजर विधि चंद को 1467 वोटों से हराया। इसके पांच साल बाद वर्ष 1990 में समूचे प्रदेश में भाजपा की लहर थी। इस बार जगदेव चंद ठाकुर के सामने पहली बार कांग्रेस ने सशक्त महिला अनीता वर्मा को चुनावी रण में उतारा था। कांग्रेस के दिवंगत नेता रमेश वर्मा की धर्मपत्नी अनीता वर्मा वर्ष 1990 में जगदेव चंद ठाकुर से 8887 मतों से चुनाव  हार गईं।  हालांकि इस बार जगदेव ठाकुर का मत प्रतिशत 65 फीसदी के करीब रह गया। वर्ष 1993 में जगदेव चंद ठाकुर लगातार पांचवीं बार निर्वाचित हुए। अढ़ाई साल के कार्यकाल में शांता कुमार की सरकार गिर गई। इस कारण मध्यवति चुनावों में भाजपा के महज सात विधायक ही जीत पाए। दुर्भाग्यवश जीत के चंद दिनों बाद जगदेव चंद ठाकुर का ह्दयगति रुकने से देहांत हो गया। नतीजतन छह माह के भीतर वर्ष 1994 में हमीरपुर सदर की सीट पर एक और उपचुनाव हुआ। इस बार भाजपा ने जगदेव चंद ठाकुर के बेटे नरेंद्र ठाकुर को भाजपा का टिकट थमाया। इस उपचुनाव में कांग्रेस की अनीता वर्मा निर्वाचित हुईं। वर्ष 1998 के आम चुनावों में दो सशक्त महिला नेत्रियां हमीरपुर सदर के चुनावी रण में आमने-सामने हुईं। कांग्रेस ने विधायक अनीता वर्मा पर दांव खेला और भाजपा ने जगदेव चंद ठाकुर की बहु उर्मिल ठाकुर को चुनावी रण में उतारा। इस बार उर्मिल ठाकुर ने ससुर के विजयी रथ को 71 फीसदी मत लेकर आगे बढ़ाया। वर्ष 2003 के चुनावों में उर्मिल ठाकुर हार गईं और कांग्रेस की अनीता वर्मा दूसरी बार हमीरपुर सदर से निर्वाचित हुईं। यह कांग्रेस की इस सीट पर आखिरी जीत थी। इसके बाद वर्ष 2007 के चुनावों में उर्मिल ठाकुर ने अनीता वर्मा को हराकर यह सीट दोवारा भाजपा की झोली में डाल दी। वर्ष 2012 में इस सीट पर तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भाजपा के टिकट पर हमीरपुर विस क्षेत्र के चुनावी रण में उतरे। उन्होंने 66 हजार से ज्यादा मत लेकर कांग्रेस को 9302 मतों से हराया। रोचक है कि उस दौरान नरेंद्र ठाकुर कांग्रेस के टिकट पर धूमल को टक्कर दे रहे थे। अब इस हॉट सीट पर नरेंद्र ठाकुर भाजपा का टिकट  लेकर चुनावी रण में कांग्रेस के कुलदीप पठानिया को टक्कर दे रहे हैं।

अब तक का लेखा-जोखा

जगदेव चंद ठाकुर    जनता पार्टी 1977

जगदेव चंद ठाकुर    भाजपा     1982

जगदेव चंद ठाकुर    भाजपा     1985

जगदेव चंद ठाकुर    भाजपा     1990

जगदेव चंद ठाकुर    भाजपा     1993

उर्मिल ठाकुर          भाजपा     1998

अनीता वर्मा           कांग्रेस     2003

उर्मिल ठाकुर          भाजपा     2007

प्रेम कुमार धूमल      भाजपा     2012

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