अपर पंडोह का बेटा पंचतत्त्व में विलीन

राजकीय सम्मान के साथ शहीद इंद्र को सैकड़ों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई

पंडोह— मणिपुर हमले में शहीद हुए असम रायफल के जवान इंद्र सिंह (35) बुधवार को पंचतत्त्व में विलीन हो गए।  बुधवार सुबह इंद्र सिंह का शव तिरंगे में लिपटे हुआ उनके घर पहुंचा। जवान का शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका था, जिस कारण परिजन इंद्र सिंह के आखिरी दर्शन भी नहीं कर पाए। इंद्र सिंह के बेटे उदय (6) ने पिता की पार्थिव देह को सलामी देने के बाद मुखाग्नि दी। इस दौरान सैकड़ों लोग शहीद की अंतिम यात्रा में शरीक हुए। गुरुवार सुबह करीब दस बजे सेना की गाड़ी में इंद्र सिंह की पार्थिव देह लाई गई। अंतिम संस्कार से पहले हवा में फायर कर शहीद को सलामी दी गई। इंद्र सिंह की पार्थिव देह के साथ 18 असम रायफल के नायब सूबेदार एसके च्रक्रवती, हवलदार आत्मा राम भी पहुंचे। शहीद को सलामी देने के लिए 34 मराठा फिट रेजिमेंट के अधिकारी किरण पाटिल, जेसीओ अशोक सहित 13  जवान पालमपुर  से आए थे, जिन्होंने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।  शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए उपायुक्त मंडी मदन चौहान, एसडीएम सदर पूजा चौहान, सांसद रामस्वरूप शर्मा, विधायक  अनिल शर्मा, जयराम ठाकुर, विनोद कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष चंपा ठाकुर, एडिशनल एसपी मंडी, 239 ट्रांजिट कैंप पंडोह कमांडेंट, भाजपा नेता प्रवीण शर्मा सहित स्थानीय व्यापारी, स्थानीय लोग एंव स्थानीय पाठशालाओं के बच्चे भी पहुंचे और पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित किए। इंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी, छह वर्षीय बेटा और बूढ़ी मां को छोड़ गए।

शहीद की पत्नी बोलीं ‘भारत माता की जय’

शहीद इंद्र सिंह की पार्थिव देह जब घर पहुंची तो उनकी पत्नी इंदु फफक-फफक कर रो पड़ीं और पार्थिव देह से लिपट गईं। इंदु ने पति की देश के लिए दी गई शहादत पर गम के बीच ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।

You might also like