अब रूसा का दूसरा चरण

अगले सत्र के लिए शिक्षा विभाग तैयार कर रहा प्लान, नई सरकार से मंजूरी का इंतजार

शिमला— प्रदेश में यूजी स्तर पर लागू राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा प्रणाली के तहत दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। अब आगामी सत्र यानी सत्र 2018-19 में रूसा-2 में प्रवेश हो सकता है। इसके लिए प्लान शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है, लेकिन इसे मंजूरी सरकार से मिलना जरूरी है। प्रदेश में वर्ष 2013 में रूसा लागू किया था। इसके तहत प्रदेश को करोड़ों की ग्रांट मिलनी थी, जिसकी 50 फीसदी से भी अधिक राशि शिक्षा विभाग को मिल चुकी है और यह राशि कालेज, विवि सहित टेक्निकल एजुकेशन से जुड़े संस्थानों के साथ ही मॉडल कालेजों को वितरित कर दी गई है। विभाग को अब आगामी ग्रांट का इंतजार है, जिससे कि कालेजों की स्कीम के तहत बची ग्रांट आबंटित की जा सके। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के 46 कालेजों को करोड़ों रुपए की ग्रांट जारी कर दी गई है। रूसा के तहत प्रदेश के 23 डिग्री कालेजों को 39.25 करोड़ रुपए और अन्य 23 कालेजों को 34.5 करोड़ की ग्रांट मिल चुकी है। अब इसमें जिन कालेजों को 39.25 करोड़ रुपए की ग्रांट मिली है, उन्हें अंतिम किस्त की ग्रांट ही जारी की जानी है। इन कालेजों को ग्रांट की 90 फीसदी राशि दी जा चुकी है, जबकि दस फीसदी अब दी जानी बाकी है। अन्य संस्थानों की अभी कुछ और किस्तें रूसा की ग्रांट के तहत मिलना बाकी हैं। वहीं राष्टीय उच्चतर शिक्षा प्रणाली के दूसरे चरण यानी रूसा-2 के लिए जोे भी प्लान तैयार किया जाएगा, उस प्लान को सरकार से मंजूरी दिलवाने के बाद एमएचआरडी को सौंपा जाएगा। इसके लिए नई सरकर बनने के बाद ही तैयार प्लान को मंजूरी मिल पाएगी। रूसा के तहत गत माह ही 40 करोड़ की ग्रांट जारी की गई थी। विभाग की ओर से यह ग्रांट 22 कालेजों के साथ ही हिमाचल प्रदेश विवि और इंजीनियरिंग कालेज नगरोटा बगवां सहित एक मॉडल कालेज को यह ग्रांट आंबटित की गई है।

एमएचआरडी को दिए हैं सुझाव

विभाग आगामी फेज के लिए तैयारी भी पूरी कर रहा है। इसके लिए कालेजों से भी जानकारी देने के निर्देश विभाग ने तय समय अवधि के बीच में दे दिए हैं। सभी कालेजों से डिटेल आने के बाद रूसा के दूसरे चरण के लिए पूरी योजना विभाग की ओर से तैयार कर दी जाएगी। इससे पहले भी विभाग की ओर से रूसा-2 के लिए सुझाव एमएचआरडी के समक्ष रखे जा चुके हैं। अब शिक्षा विभाग इसके लिए योजना तैयार करने में लग गया है।

You might also like