अरमानों की कश्ती पर सवार धर्मशाला

नई सरकार से स्मार्ट सिटी धर्मशाला की जनता को कई उम्मीदें हैं। प्रदेश की दूसरी राजधानी और सबसे बड़े जिला का मुख्यालय होने के नाते यहां कई सुविधाआें की दरकार है। पर्यटक, खेल और बौद्ध धर्म के चलते यह शहर दुनिया भर में पहचान बना रहा है। ऐसे में यहां बेहतर सहूलियतें वक्त की मांग हैं। जनता ट्रैफिक जाम से छुटकारा पाना चाहती है। पार्किंग और गली-मोहल्लों तक छोटे वाहन या 108 का पहुंचना बेहद जरूरी है, वहीं आधुनिक बस स्टैंड और शिमला की तर्ज पर रिज प्रमुख मांगों में है, जिनके पूरा होने की उम्मीद नई सरकार से है…

धर्मशाला – पर्यटन व खेल नगरी के रूप में विकसित हो रहे धर्मशाला शहर में अभी कई कार्यों के लिए प्रयास होना बाकी हैं। धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम भूमि स्थानांतरित कर भवन निर्माण शुरू करवाना सबसे बड़ी उम्मीद सरकार से जनता लगा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में ही जिला मुख्यालय पर मॉडल स्कूल और पुराने कालेजों में शुमार धर्मशाला को मॉडल महाविद्यालय के रूप में विकसित करना भी क्षेत्रवासियों का बड़ा सपना है। पर्यटन की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण स्थल धर्मशाला-मकलोडगंज में अलग-अलग स्थानों पर बहुमंजिला पार्किंग विकसित कर पर्यटकों को जाम से निजात दिलाने के लिए भी क्षेत्रवासी सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं। खेल नगरी के रूप में विकसित हो रहे धर्मशाला शहर में क्षेत्र के युवाआें को खेलने के लिए बेहतर मैदान की व्यवस्था करना भी एक अहम मुद्दा बना हुआ है।  शहर के बीचोंबीच स्थित पुलिस मैदान तो है, लेकिन इसमें भी पुलिस की अनुमति के बिना युवा नहीं खेल पाते हैं। ऐसे में युवाआें को नई सरकार से इस दिशा में कार्य करने की उम्मीद लगी है। साथ ही धर्मशाला में सिंथेटिक ट्रैक होने के चलते देश-विदेश से पहाड़ों में अभ्यास करने के लिए पहुंचने वाले खिलाडि़यों के ठहरने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। खेल नगरी में नई सरकार से उम्मीद लगाई जा रही है कि धर्मशाला पहुंचने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाडि़यों को इंटरनेशनल स्तर के स्पोर्ट्स होस्टल की स्थापना की जाए। धौलाधार की तलहटी में बसे धर्मशाला की पहाडि़यों में रोमांचक खेल पैराग्लाइडिंग की भी बेहतर संभावनाएं हैं। इस खेल में रुचि रखने वाले देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। ऐसे मे पैराग्लाइडिंग साइट को बेहतर ढंग से विकसित करने की भी उम्मीद नई से है। इसके अलावा पूर्व में धर्मशाला शहर से गुजरते हुए जेल तक सिंचाई की सुविधा देने वाली कूहल को दोबारा बहाल करने की भी शहरवासियों की मांग रही है। इतना ही नहीं, मकलोडगंज के नड्डी में अनदेखी का शिकार डल झील के संरक्षण तथा इसके सौंदर्यीकरण की भी उम्मीद क्षेत्रवासियों ने नई सरकार से लगाई है।

ये काम हो जाएं तो पूरी हो आस

  1. केंद्रीय विवि का धर्मशाला में भवन
  2. धर्मशाला-मकलोडगंज व आदि हिमानी चामुंडा के लिए रोप-वे
  3. पर्यटक स्थलों में मूलभूत सुविधाएं
  4. डल झील का सौंदर्यीकरण एवं पानी के ठहराव की उचित व्यवस्था
  5. धौलाधार एक्सप्रेस-वे का निर्माण। कुल्लू से डलहौजी को धर्मशाला-मकलोडगंज होते हुए जोड़ना
  6. स्मार्ट सिटी को सींचने वाली पुरानी कूहल बहाल करना
  7. नगर निगम में पर्याप्त स्टाफ और ऑनलाइन सुविधाएं
  8. जिला मुख्यालय पर मॉडल सरकारी स्कूल
  9. प्रदेश के सबसे पुराने कालेज को मॉडल बनाना
  10. खिलाडि़यों लिए अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स होस्टल
  11. पैराग्लाइडिंग साइट विकसित करना
  1. बहुमंजिला पार्किंग बनाकर जाम से निजात दिलाना
  2. हर मोहल्ले को छोटे वाहनों एवं 108 से जोड़ना
  3. आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण
  4. शिमला की तर्ज पर धर्मशाला में रिज
You might also like