एनएच 154 हर कदम पर डंपिंग सड़क के बीच पार्किंग

मटौर  —  नेशनल हाई-वे-154 के विस्तारीकरण ने हाई-वे को डंपिंग साइट में बदल दिया है। पुराना मटौर से गगल तक आज कल कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है। हाई-वे के दोनों ओर जगह-जगह लगे मिट्टी के ढेरों से आए दिन न केवल जाम के हालात बन रहे हैं बल्कि रात के समय हादसों का भी भय बना हुआ है। नेशनल हाई-वे अथारिटी भी इस बात को मान रही है कि रोड किनारे मिट्टी के डंप लगाना सही नहीं है।  गौरतलब है कि काफी समय से राष्ट्रीय राजमार्ग-154 (पठानकोट-मंडी) का जगह-जगह विस्तारीकरण का काम चला हुआ है। काम में लगे ठेकेदार नियमों को दरकिनार करते हुए अपनी सुविधा के अनुसार काम को अंजाम दे रहे हैं। रोड की खुदाई से निकलने वाले मलबे को टिप्परों में भरकर हाई-वे के किनारे फेंक रहे हैं। इससे एक तो मलबे की धूल से वायु प्रदूषण फैल रहा है, वहीं  राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर गाडि़यों को निकलने की जगह नहीं बच पा रही है। रात के समय जब वाहन ओवर स्पीड होते हैं, तो गाड़ी रोड से बाहर करते वक्त दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। हैरत की बात यह है कि रोजाना विभाग के बड़े अधिकारियों के अलावा प्रशासन के कई अफसर भी यहां से गुजरते हैं, लेकिन इस तरफ कोई गौर नहीं किया जा रहा।  प्रशासन ट्रैफिक में बाधा बनने वालों के चालान तक नहीं कर पाता। विदित रहे कि गगल चौक के अलावा मंडी तक एनएच के दो दर्जन ऐसे प्वाइंट्स हैं, जहां आए दिन जाम के हालात बनते हैं। अभी एक  सप्ताह पूर्व गगल के इसी प्वाइंट पर चार घंटे तक जाम लगा रहा था। गाडि़यों के अलावा हाई-वे किनारे लगे मिट्टी के ये ढेर भी जाम का कारण बताए गए थे। नेशनल हाई-वे अथारिटी को रोड के काम में लगी एजेंसी को सख्त निर्देश देते हुए मलबा ठिकाने लगाने के लिए कहना होगा।

हाई-वे किनारे शोरूम भी लगाते हैं जाम

मंडी-पठानकोट हाई-वे की बात करें तो कंडवाल बैरियर के बाद जसूर से लेकर मंडी तक सैकड़ों के हिसाब से मारबल, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम और गाडि़यों के बड़े-बडे़ शोरूम हैं। अकसर देखा गया है कि इनके बाहर या तो छोटी-बड़ी गाडि़यां खड़ी रहती हैं या फिर इन शोरूम का सामान दुकानों से निकालकर सड़क पर सजाया होता है। इन प्वाइंट्स पर रोजाना जाम लगते हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं बोलता।  प्रशासन इन बातों की अनदेखी करता है और पुलिस तमाशबीन बनी रहती है।

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