कालेज टीचर करवाएंगे पीएचडी

विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुरू की प्रक्रिया, गाइड बनने को मांगे आवेदन

शिमला —  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ओर से कालेज शिक्षकों को पीएचडी गाइड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कालेज शिक्षकों से आवेदन मांगे हैं। निर्देशों के तहत प्रदेश भर के शिक्षक विश्वविद्यालय का पीएचडी गाइड बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कालेज में जितने भी शिक्षक पीएचडी गाइड बनने के योग्य हैं, उन सभी शिक्षकों को आवेदन भेजने होंगे। कालेज शिक्षकों को अपने विषय के तहत विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग में आवेदन करने के निर्देश एचपीयू प्रशासन की ओर से दिए गए हैं। यूजीसी के नियमों के तहत प्रदेश विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद में मंजूरी देने के बाद विश्वविद्यालय आर्डिनेंस में संशोधन कर यह प्रक्रिया शुरू की गई है। जानकारी के अनुसार यूजीसी की ओर से पीएचडी और एमफिल के लिए प्रवेश और डिग्री से लेकर विनियम 2009 में संशोधन कर विनियम 2016 तैयार किया गया है। इसमें विश्वविद्यालय शिक्षकों के साथ-साथ कालेज शिक्षकों के पीएचडी गाइड बनने के लिए यूजीसी ने  नियम भी तय किए हैं। यूजीसी द्वारा तय नियमों को जो भी कालेज शिक्षक पूरा करते हैं, वे ईसी के फैसले के तहत प्रदेश में छात्रों को पीएचडी करवा सकेंगे। गौर हो कि प्रदेश के कालेजों में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक हैं, जो पीएचडी गाइड बनने की योग्यता रखते हैं। इसी के चलते अब कालेज शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। फिलहाल प्रदेश के कालेजों के 400 से अधिक शिक्षक इस फैसले से लाभान्वित होंगे और वे अपने आवेदन विश्वविद्यालय को कर सकते हैं। विवि पीएचडी गाइड बनने के लिए आए शिक्षकों के आवेदनों की छंटनी के बाद ही योग्य आवेदकों का चयन करेगा।

यह है योग्यता

यूजीसी द्वारा तय नियमों के अनुसार कालेज शिक्षकों को पीएचडी गाइड बनने के लिए कालेज का नियमित शिक्षक होने के साथ, पांच साल का शैक्षणिक अनुभव होना जरूरी है। इसके साथ ही खुद पीएचडी उपाधि प्राप्त होने के साथ ही तीन शोध पत्र प्रकाशित करना आवश्यक है। यह योग्यता रखने वाले कालेज शिक्षक ही पीएचडी गाइड बन सकेंगे।

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