गुरु नानक पब्लिक स्कूल, डलहौजी

गुरुनानक पब्लिक स्कूल डलहौजी की स्थापना दस मार्च, 1999 को कप्तान एनएस भंडारी और श्रीमती रक्षा भंडारी के दिशा-निर्देशों के तहत हुई। इनके शैक्षणिक और विशाल अनुभवों के तहत 43 विद्यार्थियों के साथ एक विनम्र शुरुआत की गई। आज इन होनहार विद्यार्थियों की संख्या लगभग एक हजार के करीब पहुंच गई है। यह विद्यालय 1999 में छोटी मारुति वैन के साथ शुरू किया गया था। आज एक पानी के ट्रक के साथ 12 विद्यालयों की बसों के माध्यम से गहन और दूरदराज वाले क्षेत्रों और शहर के अंदरूनी हिस्सों में छात्रों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए परिवहन सुविधा प्रदान करने की पहल की। डलहौजी में डे-बोर्डिंग की अवधारणा को लाने के लिए डलहौजी में गुरु नानक पब्लिक स्कूल डलहौजी पहला स्कूल था। स्कूल वर्ष 2002 में सीबीएसई से सबंद्ध हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र के सभी क्षेत्रों में स्कूल अपनी अलग पहचान बना चुका है। प्रधानाचार्य श्री नवदीप सिंह की अगवाई वाले शिक्षण संकाय ने 12वीं और कक्षा दसवीं दोनों स्तरों पर उत्कृष्ट परिणाम पेश किए हैं। स्कूल ने 2017, 2015, 2014 और 2013 में वाणिज्य क्षेत्र में होनहार और अव्वल रहने वाले छात्रों का निर्माण किया है और वर्ष 2016 में स्कूल के ऋषभ कुमार ठाकुर शीर्ष स्थान पर रहे। स्कूल ने भौतिकी, गणित, जीव विज्ञान, कम्प्यूटर, बिजनेस स्टडीज, हिंदी कोर, रसायन विज्ञान के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्रस्तुत किया है। यह स्कूल इस क्षेत्र में शीतकालीन प्रशिक्षण संस्थान शुरू करने वाला पहला विद्यालय था। गुरु नानक पब्लिक स्कूल ने यूरो फ्रैंचाइजी के साथ हाथ मिलाकर इस क्षेत्र में पूर्व प्राथमिक शिक्षा का बीड़ा उठाया है। स्कूल के कनिष्ठ अनुभाग को भी फोनिक किड्स तकनीकी सहायता मिलती है। आजाद, गोविंद टैगोर और पटेल हरे रंग के स्कूल के झंडे के साथ आकाश की ऊंचाइयों को छू रहे हैं। स्कूल ने कई छात्रों का निर्माण किया है। इस स्कूल के कई छात्रों ने जेईई मुख्य पीएमटी, सीपीटी और एनडीए के साथ कई अन्य प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही समूहगान प्रतियोगिता में भी राज्य और राष्ट्रीय  स्तर पर प्रदेश काप्रतिनिधित्व किया और कई गतिविधियों जैसे नृत्य, चित्रकला, भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भी कई बार विजेता घोषित हो चुका है। स्कूल ने हाल ही में लड़कों और लड़कियों दोनों के क्रिकेट टूर्नामेंट जीते हैं। यह स्कूल विभिन्न संगठनों से 25 राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त कर चुका है। ‘हमारे सम्मान’ के नाम से आयोजित वार्षिक समारोह का पूरे क्षेत्र को इंतजार रहता है। इस कार्यक्रम का आयोजन बहुत व्यावसायिकता और गुणवत्ता से किया जाता है। सम्मान की शुरुआत 2006 में हुई, जिससे अति विशिष्ट अतिथि के रूप में डीजीपी, आईजी, एडीजीपी को आमंत्रित किया जाता है। स्कूल अपने कर्मचारियों के प्रत्येक सदस्य की ईमानदारी से प्रयास और अखंडता के कारण कई गुना आगे बढ़ रहा है। गुरु नानक पब्लिक स्कूल, डलहौजी अपने अस्तित्व को डलहौजी के लोगों के लिए नई नीतियों और उचित जानकारी के साथ अलग पहचान प्रदान करता है।

– मंजीत सिंह, बनीखेत

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