फायर फाइटर्स के हवाले हवाई अड्डे

ऊना— हिमाचल प्रदेश के हवाई अड्डों में आपात स्थिति से निपटने को अब अग्निशमन विभाग के कर्मचारी तैनात होंगे। अग्निशमन विभाग को हवाई अड्डों की सुरक्षा का जिम्मा दिया जा रहा है। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर आपदा से निपटने के लिए अग्निशमन कर्मियों की तैनातियां की जा रही हैं। इसके चलते जल्द ही हिमाचल के हवाई अड्डों पर अग्निशमन केंद्र के कर्मी भी ड्यूटी देते नजर आएंगे। हवाई अड्डों में आग की घटनाओं संबधित सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए हवाई अड्डों पर अग्निशमन विभाग अपना सब-सेंटर स्थापित करेगा। इससे जहां अग्निशमन विभाग का विस्तार होगा, वहीं, हवाई अड्डे में होने वाली घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सकेगा। इसी कड़ी के तहत अग्निशमन विभाग द्वारा प्रारंभिक चरण में शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे को टेकओवर भी कर लिया गया है। आगामी भविष्य में अग्निशमन विभाग की ओर से प्रदेश के अन्य दो हवाई अड्डों को भी टेकओवर किया जाएगा। जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे में प्रथम चरण के तहत अग्निशमन विभाग के आठ कर्मचारी अपनी ड्यूटी देंगे। हवाई अड्डे में एक अफसर, एक लीडिंग फायरमैन, दो ड्राइवर, चार फायरमैन होंगे। हवाई अड्डे में अपनी ड्यूटी देने से पहले इन सभी कर्मचारियों को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सभी कर्मचारी दिल्ली में प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं। यदि अन्य हवाई अड्डों को भी अग्निशमन विभाग टेकओवर करता है, तो वहां पर तैनात होने वाले कर्मचारियों को भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया दिल्ली द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। बिना प्रशिक्षण के किसी भी कर्मचारी की तैनाती हवाई अड्डों पर नहीं होगी। विभाग की मानें तो अभी तक जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे को ही टेकओवर किया गया है। भविष्य में कुल्लू के भुंतर हवाई अड्डा, कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे को भी टेकओवर किया जा सकता है। यूं कहा जा सकता है कि जल्द ही इन हवाई अड्डों पर भी अग्निशमन विभाग के कर्मचारी ड्यूटी देंगे। हालांकि पहले ही अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी चल रही है। अब हवाई अड्डों पर अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की तैनातियां होने से विभाग में स्टाफ की और भी कमी होगी। बहरहाल, अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को हवाई अड्डों की जिम्मेदारी मिलने के चलते कई पद सृजित होंगे।

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