बस ने कुचली बच्ची

खुंडियां बाजार में दर्दनाक हादसा; शव-बस छोड़ ड्राइवर-कंडक्टर फरार

खुंडियां— खुंडियां बाजार में सोमवार सुबह 8ः15 बजे एक प्राइवेट बस ने छह वर्षीय मासूम को कुचल डाला। बच्ची और बस छोड़कर ड्राइवर और कंडक्टर मौके से फरार हो गए। मासूम सिमरन की मौत पर खूब हंगामा हुआ। दो घंटे तक पुलिस कार्रवाई न होने और मौके पर प्रशासन के न पहुंचने से उग्र भीड़ ने बस के शीशे तोड़ दिए और टायरों की हवा निकाल दी। सड़कें जाम कर दी गई और बस को आग लगाने के लिए उतारू हो गए। हंगामा इतना बढ़ गया कि लोगों ने दुकानें बंद कर दीं। चार घंटे तक मासूम की लाश बीच बाजार में बस के नीचे पड़ी रही। लगभग साढ़े ग्यारह बजे डीएसपी योगेश दत्त जोशी मौके पर पहुंचे और उसके थोड़ी देर बाद एसडीएम ज्वालामुखी भी पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। परिजन मांग करते रहे थे कि बस के मालिक और ड्राइवर को यहां लाया जाए और उनसे पूछा जाए कि इनसानियत भी कोई चीज है। यह कैसे एक मासूम को कुचल कर भाग गए। प्रशासन ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाने पर भीड़ शांत हुई और बच्ची को उठाने दिया गया। डीएसपी योगेश दत्त जोशी ने कहा कि आरोपियों पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों की सारी मांगें मान ली गई हैं। बस भी कब्जे में ले ली गई है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शव पोस्टमार्टम के लिए टीएमसी भेज दिया गया है। इस मौके पर यहां के प्रत्याशी विजेंद्र कुमार, रमेश धवाला और प्रताप सिंह भी पहुंचे। सुबह से हजारों की भीड़ डटी रही, जिसमें स्कूल के मासूम थे। लोगों ने बस के मालिक पर भी कार्रवाई की मांग की है। कुछ दिन पहले भी इस रूट की बस ने एक कार को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था। कार मालिक तो बच गया था, लेकिन कारक्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसका मुकदमा चल रहा है, जिसके लिए भी बस मालिक ने संवेदना तक व्यक्त नहीं की थी, आज भी ऐसा ही हुआ।

सवारी के चक्कर में स्पीड की परवाह नहीं करते ड्राइवर

खुंडियां में मासूम सिमरन की मौत बहुत गहरे जख्म के साथ प्रशासन की अनदेखी को भी उजागर कर गई। यहां तीन स्कूल, एक कालेज, एक आईटीआई के साथ आधा दर्जन कम्प्यूटर सेंटर हैं, जहां हजारों बच्चे रोज आते हैं, पर हर दम ऐसे ही हादसे का संदेशा बना रहता है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।अकसर देखा गया है कि बस चालक सवारी के चक्कर में तेज रफ्तारी से बस दौड़ाते हैं। यह पहला मामला नहीं है, जब बस चालक की गलती से किसी की जान गई हो, बल्कि इन चालकों की गलती से न जाने कितने घरों के चिराग बुझ गए हों। सरकार व प्रशासन को इनके खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिएं।

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