सीबीआई को कार्रवाई के लिए हफ्ता

पेट्रोलियम उत्पाद में कराड़ों के घोटाले की प्रारंभिक रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी

शिमला— पेट्रोलियम उत्पाद ढुलाई में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट सीबीआई ने सोमवार को हाई कोर्ट के समक्ष सील्ड कवर में दायर की। हाई कोर्ट ने सीबीआई द्वारा की गई जांच की सराहना की है। खंडपीठ को बताया गया कि रिपोर्ट के अनुसार नियमानुसार एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही की जाएगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने एसपी सीबीआई शिमला ब्रांच को आदेश दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर कानूनन सम्मत कार्रवाई करें। ज्ञात रहे कि बठिंडा स्थित पेट्रोलियम रिफाइनरी से नालागढ़ डिपो तक पेट्रोलियम उत्पाद की ढुलाई में हुए करोड़ों  रुपए के घोटाले को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है और खंडपीठ ने इस मामले में सीबीआई को प्रतिवादी बनाते हुए मामले की जांच किए जाने के आदेश दिए थे। अदालत ने सीबीआई से आगामी सुनवाई तक सील्ड कवर में स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। अदालत ने स्पष्ट किया था कि पेट्रोलियम उत्पाद राष्ट्र की संपत्ति है और यदि इसे कोई किसी भी तरह का नुकसान पहुंचता है, तो वह दंडनीय अपराध है। मामले के अनुसार प्रार्थी को बठिंडा स्थित पेट्रोलियम रिफाइनरी से नालागढ़ डिपो तक पेट्रोलियम उत्पाद की दुलाई का अनुबंध दिया गया है। पेट्रोलियम ढुलाई में गड़बड़ी के चलते पेट्रोलियम कारपोरेशन ने प्रार्थी के कुछ टैंकरों पर बैन लगा दिया था। पेट्रोलियम कारपोरेशन का कहना है कि प्रार्थी ने कारपोरेशन के कर्मचारियों के साथ मिलकर करोड़ो रुपए का घोटाला किया है।

खुंडियां हादसे पर कोर्ट सख्त

शिमला — कांगड़ा जिला के खुंडियां में बस द्वारा कुचली सात वर्षीय बच्ची के मामले में हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। बच्ची के रिश्तेदार ने हाई कोर्ट को ई-मेल के जरिए अवगत करवाया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने प्रतिवादियो को नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई चार दिसंबर को निर्धारित की है। ई-मेल के जरिए अदालत को बताया गया कि इस दुर्घटना का मुख्य कारण खुंडियां बाजार में अवैध कब्जा किया गया है, जिस कारण सड़क बहुत तंग है। अदालत से गुहार लगाई गई है कि इस बाजार से अवैध कब्जा हटाने के आदेश दिए जाएं, ताकि इस तरह की दुर्घटना दोहराई न जा सके।

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