उत्तराखंड और तिब्बत के साथ 1170 किमी हिमाचली सीमा

हिमाचल प्रदेश की सारी भूमि पहाडि़यों एवं ऊंची -ऊंची चोटियों से सुसज्जित है। इन चोटियों की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर है। उत्तराखंड तथा पूर्व में तिब्बत के साथ लगती सीमा 1170 किमी है…

गतांक से आगे…

पंजाब हिमालय या पश्चिमी हिमालय या विस्तार सिंधु नदी से सतलुज नदी के मध्य है। इस भाग में महान हिमालय ‘जांस्कर’ श्रेणी तथा  लघु हिमालय जिसे ‘पीर पंजाल’ श्रेणी कहते हैं, के मध्य कश्मीर घाटी मिलती है। महान हिमालय एक अनवरत श्रेणी है, जिसमें नागा पर्वत पश्चिमी हिमालय का सर्वोच्च शिखर है। कश्मीर घाटी में स्थित करेवा निक्षेप 80 किलोमीटर लंबे तथा 5 से 25 किलोमीटर की चौड़ाई में विस्तृत है, जो एक निम्न पठारनुमा धरातल प्रस्तुत करते हैं। यह सिल्ट  संघनित बालू कण तथा कांच से निर्मित है। इसमें हिमनद निक्षेपों के कई संस्तर पाए गए हैं। कश्मीर घाटी के दक्षिण मध्य हिमाचल की पीर पंजाल एव धौलाधार श्रेणियां एवं उनकी शाखाएं- प्रशाखाएं फैली हैं, जिनमें चिनाब, रावी एवं सतुलज तथा उनकी सहायक नदियों द्वारा  गहरी संकीर्ण घाटियों का जाल फैला है। इन घाटियों का आकार सामान्यता वी(1) आकृति का है। प्रायः अघः कर्तित  मोड़ तथा उनके मध्य गुंफित कटक मिलते हैं। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति में पूर्वी दिशा में स्थित है तिब्बत देश, उत्तर में चिनार प्रदेश जम्मू तथा कश्मीर दक्षिण- पूर्व में यमुना गंगा की पवित्र धरती उत्तराखंड, दक्षिण में जाट प्रदेश हरियाणा एवं पश्चिम में भारत का उपजाऊ क्षेत्र तथा हरा-भरा मैदानी क्षेत्र पंजाब है। इसकी सारी भूमि पहाडि़यों एवं ऊंची -ऊंची चोटियों से सुसज्जित है। इन चोटियों की समुद्र तल से ऊंचाई 350 मीटर है। उत्तराखंड तथा पूर्व में तिब्बत के साथ लगती सीमा 1170 किमी है।

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