सिरमौर को दूसरी बार विधानसभा अध्यक्ष

नाहन— राजनीतिक तौर पर उपेक्षा का शिकार रहे जिला सिरमौर को एक बार पुनः विधानसभा अध्यक्ष का गौरमयी पद दूसरी बार मिल रहा है। पूर्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे गंगूराम मुसाफिर के विधानसभा अध्यक्ष के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता डा. राजीव बिंदल को अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा हुई है। फिलहाल यह घोषणा की गई है, परंतु आधिकारिक तौर पर विधानसभा के भीतर ही यह प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। सिरमौर जिला को विधानसभा अध्यक्ष का पद दूसरी बार मिल रहा है। इससे पूर्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सिरमौर जिला के पच्छाद से पूर्व में विधायक रहे गंगूराम मुसाफिर पांच वर्ष तक कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं।  भले ही नाहन विधानसभा के लोग राजीव बिंदल की ताजपोशी मुख्यमंत्री के बाद दूसरे स्थान पर देख रहे थे, परंतु जैसे ही रिज पर शपथ ग्रहण समारोह समाप्त हुआ तो सिरमौर के लोगों को नाहन से दूसरी बार विधायक चुने गए राजीव बिंदल को मंत्री न बनाए जाने पर निराशा हाथ लगी। दोपहर बाद जब शिमला से पार्टी ने बिंदल को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा की तो उसके बाद बिंदल समर्थकों में कुछ जान में जान आई। गौर हो कि प्रदेश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारी संख्या में नाहन विधानसभा क्षेत्र से डा. राजीव बिंदल के समर्थक इस उम्मीद को लेकर शिमला गए थे कि डा. बिंदल को प्रदेश मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के बाद दूसरा स्थान मिलेगा। लिहाजा डा. राजीव बिंदल के विधानसभा अध्यक्ष की भाजपा की घोषणा के बाद भी नाहन विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को भी भाजपा कार्यकर्ताओं में सन्नाटा सा पसरा रहा तथा

कहीं भी जश्न का माहौल नजर

नहीं आया। गौर हो कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने बुधवार को शिमला में नाहन विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक डा. राजीव बिंदल को प्रदेश विधानसभा का अध्यक्ष बनाए जाने का ऐलान किया है।

गवर्नर और सीएम पद के बाद स्पीकर

भले ही विधानसभा के अध्यक्ष की सरकार की योजनाओं व क्रियान्वयन में कोई भागीदारी सीधे तौर पर नहीं रहती है, परंतु इस पद की संवैधानिक गरिमा अवश्य है। प्रदेश में राज्यपाल व मुख्यमंत्री के बाद प्रोटोकॉल की यदि बात की जाए तो विधानसभा अध्यक्ष का पद तीसरे स्थान पर आता है।

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