हर क्षेत्र से संबंधित ज्ञान जरूरी है

हुकम सिंह सीनियर उद्घोषक आकाशवाणी शिमला

रेडियो जॉकी में करियर से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने हुकम सिंह से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश…

रेडियो जॉकी का आज के दौर में क्या अस्तित्व है और क्या महत्त्व है?   

आज के दौर में रेडियो ने दोबारा से टीवी और इंटरनेट के अस्तित्व में आने के बाद भी कमबैक किया है, जिससे अब रेडियो केवल दूरदराज के क्षेत्रों तक सीमित न होकर हर शहर और घर में अपनी जगह बना रहा है। रेडियो पर चलने वाले तरह-तरह के एफएम प्रोग्राम लोगों द्वारा बेहद पसंद किए जा रहे हैं। रेडियो ने टीवी और इंटरनेट के युग में भी अपनी एक अहम जगह बना ली है।

इस फील्ड में आने के लिए शैक्षणिक योग्यता क्या होती है?

रेडियो जॉकी की फील्ड में आने के लिए जमा दो के बाद विभिन्न तरह के डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स इस से संबंधित हैं, तो वहीं ऑल इंडिया रेडियो में इस क्षेत्र में आने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से किसी भी विषय में 3 साल की डिग्री होना आवश्यक है।

रेडियो जॉकी के लिए व्यक्तिगत गुण क्या होने चाहिए?

एक रेडियो जॉकी का बेहतरीन इनसान, व्यवहार शालीन होने के साथ मधुभाषी होना बेहद जरूरी है। भाषा पर पकड़  एक रेडियो जॉकी के व्यक्तित्व का अहम गुण होना चाहिए। रेडियो जॉकी में अपनी आवाज से श्रोताओं को कार्यक्रम के साथ बांधे रखने की योग्यता होना आवश्यक है।

इस संबंधी कोर्स कहां चलते हैं?

वैसे तो ऑल इंडिया रेडियो में भी आरजे से संबंधित कई तरह के कोर्स इच्छुक प्रार्थियों को करवाए जाते हैं। कई तरह के सरकारी और प्राइवेट संस्थान भी आरजे से संबंधित कोर्स करवाते हैं। इनमें एकेडमी ब्रॉडकास्टिंग चंडीगढ़, रेडियो सिटी स्कूल ब्रॉडकास्टिंग मुंबई, एकेडमी ऑफ रेडियो मैनेजमेंट, नोएडा, पुणे, कोलकाता, लखनऊ सहित देश के हर क्षेत्र में अब आरजे से संबंधित डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स इच्छुक युवा को करवाए जाते हैं।

आरंभिक आय इस क्षेत्र में कितनी है?

आय आपकी जॉब प्रोफाइल पर निर्भर है। जिसमें ऑल इंडिया रेडियो में एक ड्यूटी के 1300 रुपए अदा किए जाते हैं। आरंभिक आय 5 हजार से 20 हजार तक हो सकती है।

रेडियो जॉकी बनने वाले युवाओं के लिए कोई संदेश!

इस क्षेत्र में मधुभाषी होने के साथ-साथ शब्दों के शुद्ध उच्चारण पर ध्यान दें। रेडियो में आरजे की फील्ड में शोहरत के साथ-साथ पैसा भी है। इस क्षेत्र में पहचान बनाने के लिए हर क्षेत्र से संबंधित ज्ञान होना भी आवश्यक है।

-भावना शर्मा, शिमला

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