इस हफ्ते की फिल्म : वोदका डायरीज

निर्देशक :  कुशल श्रीवास्तव

संगीतकार : संदेश शांडिल्य, हैरी आनंद , पार्श्व संगीत संजय चौधरी

कलाकार : मेनन, राइमा सेन, मंदिरा बेदी, शारिब हाशमी

दिव्य हिमाचल :  रेटिंग ***/5

हिमाचल प्रदेश की पर्यटन स्थली में बनी फिल्म और  हम न देखें यह  नहीं हो सकता। कुल्लू के मनाली में  फिल्माए गए कुछ दृश्य रात में हुए एक खून की कहानी बयान करते हैं। मनाली के वोदका डायरीज क्लब में एक ही रात में एक के बाद एक कई खून होते हैं। इस केस को सुलझाने की जिम्मेदारी एसीपी अश्विनी दीक्षित (केके मेनन ) पर आती है। अभी अश्विनी छुट्टी काट कर अपनी ड्यूटी पर लौटा  ही है कि आते ही इस केस को सुलझाने में  उलझ जाता है। अश्विनी एसीपी अभी केस को सुलझा ही रहे होते हैं कि उनकी पत्नी शिखा (मंदिरा बेदी) भी गायब हो जाती हैं।  शिखा को कविता लिखने की आदत है। कई बार अश्विनी को अपनी पत्नी पर हमला होने के भी सपने आते थे, लेकिन इस तरह गायब होने से अश्विनी परेशान हो जाता हैं। इसी बीच अश्विनी की मुलाकात एक लड़की रोशनी बनर्जी (राइमा सेन) से होती है, जिस पर उसे शक होता है, लेकिन रोशनी से मिलने के बाद कुछ चीजें और भी ज्यादा उलझ जाती हैं और अश्विनी एक जाल में फंस जाता है। इस जाल से अश्विनी का निकलना आसान नहीं होता। कहते हैं न बुरे वक्त में अपने भी साथ छोड़ देते हैं ऐसा ही अश्विनी के साथ होता है। उसके अपने भी पराए हो जाते हैं। केके मेनन ने हमेशा की तरह शानदार काम किया है।   मंदिरा बेदी कहीं-कहीं ओवर एक्टिंग करती नजर आती हैं, लेकिन फिर भी अच्छा काम किया है। राइमा सेन ने जैसा उनको रोल मिला है, वैसी ही एक्टिंग की है। अगर आप फिल्म देखने बैठ जाएं तो आपको फिल्म शुरू से आखिर तक बांधे रखती है। इंटरवल से पहले तक कहानी दिलचस्प है और उसके बाद आपकी जिज्ञासा और बढ़ जाती है। फिल्म के निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने अच्छी कोशिश की है। अगर आपको थ्रिलर फिल्में पसंद हैं और साथ ही मनाली की खूबसूरत वादियां अच्छी लगती हैं, तो आपको फिल्म पसंद आएगी, तो आप देखे बिना रह नहीं सकते।

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