एसडीएम तय करेंगे फोरलेन निर्माण का मुआवजा, कमेटियां तय

हमीरपुर— फोरलेन निर्माण की मुआवजा राशि एसडीएम निर्धारित करेंगे। नेशनल हाईवेज अथारिटी ऑफ इंडिया (नहाई) की सिफारिश पर राज्य सरकार ने भू-अधिग्रहण मुआवजा के लिए कमेटियां गठित कर दी हैं। संबंधित उपमंडल के अधिकारियों को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके तहत संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम मटौर-शिमला व पठानकोट-मंडी फोरलेन के भू-अधिग्रहण और मुआवजा राशि तय करेंगे। हालांकि इस प्रक्रिया को डीपीआर बनाने वाले कंसल्टेंट कंपनियां ही अमलीजामा पहना रही हैं। मटौर-शिमला फोरलेन राज्य के पांच जिलों कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन और शिमला से होकर गुजरेगा। पठानकोट-मंडी फोरलेन चंबा, कांगड़ा और मंडी तीन जिलों से निकल रहा है। लिहाजा इन सभी जिलों के संबंधित एसडीएम मुआवजा राशि तय करेंगे। जाहिर है कि बिना उजड़े आसपास के शहरों और संस्थानों को फोरलेन से जोड़ा जाएगा। इसके तहत फोरलेन से शहरों के लिए डबललेन लिंक रोड विकसित होंगे। इसमें प्रमुख शहरों और बड़े संस्थानों को शामिल किया गया है। मटौर-शिमला तथा पठानकोट-मंडी दोनों सड़क परियोजनाओं की डीपीआर में यह प्रावधान प्रमुखता से रखा गया है। भीड़ वाले इलाकों और बस स्टाप में फोरलेन पर वे साइड एमनिटीज सेंटर बनेंगे। इनमें शौचालय-बाथरूम और आरामकक्ष की सुविधा होगी। राज्य में प्रस्तावित फोरलेन की डीपीआर में मैक्सीमम विजिविलिटी की लाइनमेंट का प्रावधान किया गया है। इस हाई-वे में एक दर्जन शहरों को फोरलेन की जद से बाहर करने के लिए आठ बाइपास प्रस्तावित हैं। अहम है कि नूरपुर से लेकर मंडी तक सभी शहरों को फोरलेन से जोड़ने का भी डीपीआर में ख्याल रखा गया है। इसके लिए नूरपुर और कोटला दोनों शहरों को लिंक रोड से जोड़ा जाएगा। नगरोटा शहर के लिए मौजूदा सड़क मार्ग के अलावा चाहड़ी रोड के लिंक रोड को भी विकसित किया जाएगा। मलां से नगरोटा शहर को जोड़ने वाले हाई-वे का भी विस्तारीकरण होगा। इस फोरलेन में पालमपुर से लेकर चौंतड़ा तक 33 किमी नया बाइपास बनने से इस जद में शामिल सभी शहर फोरलेन से बाहर हो जाएंगे। बावजूद इसके पालमपुर शहर को जोड़ने वाले कृषि विश्वविद्यालय और कालू दी हट्टी वाले मार्ग को विकसित किया जाएगा। फोरलेन से पालमपुर शहर की दूरी दो किलोमीटर के दायरे में रखने का प्रस्ताव है। इसी तर्ज पर फोरलेन बैजनाथ शहर के समीप शीतला मंदिर के नजदीक से होकर गुजरेगा। यहां से भी पपरोला-बैजनाथ को लिंक रोड से जोड़ा जाएगा। जोगिंद्रनगर के मौजूदा रोड को चौड़ा कर इसे फोरलेन बाइपास से मिलाया जाएगा। इसी तर्ज पर मंडी और पद्धर शहर को जोड़ने के लिए बाइपास से संपर्क मार्ग विकसित होंगे। मटौर से शिमला तक की जद में शामिल सभी बड़े शहर लिंक रोड के माध्यम से फोरलेन से जुड़ेंगे। नेशनल हाई-वे अथारिटी ऑफ इंडिया ने कंदरौर-ब्रह्मपुखर बाया घाघस-जुखाला सड़क मार्ग को अपने अधीन रखने का फैसला लिया है। इसके अलावा केंद्रीय विवि, तकनीकी विवि, एनआईटी हमीरपुर, आईएचएम, चयन आयोग और सभी बडे़ शिक्षण तथा स्वास्थ्य संस्थानों को फोरलेन से लिंक रोड के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

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