घर पहुंचे नाइजीरिया में फंसे युवक

तीन महीने से बंदरगाह में नेवी के कब्जे में थे चार भारतीय

पालमपुर – पांच साल पुराने एक मामले के आधार पर नाइजीरिया नेवी द्वारा कब्जे में लिए गए जहाज में फंसे प्रदेश के युवक घर वापस पहुंच गए हैं। इससे करीब तीन महीने तक परेशानी में रहे युवकों के साथ उनके परिजनों ने भी राहत की सांस ली है। मुंबई की एक मैरीन कंपनी ने इन लोगों को एक समुद्री जहाज लेने के लिए अफ्रीका से नाइजीरिया भेजा था। ये लोग साथियों सहित जहाज की मेंटेनेंस का कार्य कर रहे थे कि दस सितंबर को नाइजीरिया नेवी के अधिकारियों ने इनको जहाज सहित कब्जे में ले लिया। इन सबके पासपोर्ट आदि दस्तावेज जब्त कर लिए गए थे और इनको संबंधित कंपनी से रिक्वेस्ट लैटर प्राप्त करने को कहा गया था। इन युवकों ने प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय को मेल से सारी जानकारी भेजी थी, लेकिन इनकी वापसी के प्रयास नहीं हो रहे थे। नाइजीरिया के लागोस बंदरगाह में नाइजीरियन नेवी के कब्जे में खड़े जहाज में क्रू के कुल नौ सदस्य थे, जिसमें से चार भारत के थे। क्रू के भारतीय सदस्यों ने हालात की जानकारी देते हुए वीडियो भेजकर उनको वहां से छुड़ाकर वापस देश पहुंचाने की गुहार लगाई थी और इसके बाद मीडिया ने मामला प्रमुखता से उठाया था। केंद्र सरकार के प्रयासों से अब ये युवक घर वापस पहुंच गए हैं और इनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। घर पहुंचे अतुल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सुषमा स्वराज तथा सांसद शांता कुमार का आभार प्रकट किया है, जिनके प्रयासों से ये युवक परिवारों से मिल पाए हैं।

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