घाटे के लिए हम जिम्मेदार नहीं

एचआरटीसी ड्राइवर्ज यूनियन ने घेरा निगम प्रबंधन

बिलासपुर – हिमाचल पथ परिवहन निगम ड्राइवर्ज यूनियन ने घाटे के लिए निगम प्रबंधन की घेरेबंदी की है। यूनियन का आरोप है कि घाटे के लिए चालक-परिचालक जिम्मेदार नहीं, बल्कि पूर्व सरकार के समय इलेक्ट्रिक बसें और घटिया कलपुर्जों की खरीददारी भी घाटे की वजह हैं। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न डिपो में घोटालों ने भी निगम की कमर तोड़ी है। यूनियन का कहना है कि घाटे के लिए चालक परिचालकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। महंगी इलेक्ट्रिक बसों के बजाय ऑर्डिनरी बसों की खरीददारी की होती तो आज ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलती। रविवार को यूनियन के राज्य मुख्य सलाहकार राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि पूर्व परिवहन मंत्री द्वारा इलेक्ट्रिक बसों और घटिया किस्म के कलपुर्जों की खरीददारी की गई है। यदि ऐसा न किया होता तो आज ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मयस्सर होती, क्योंकि करोड़ों की लागत वाली इलेक्ट्रिक बसों के बदले ऑर्डिनरी बसें खरीदकर ग्रामीण क्षेत्रों में चलाकर लोगों को सुविधा प्रदान की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि घटिया कलपुर्जों की वजह से बसों में तकनीकी खराबी आ जाती है। यही नहीं, ग्रामीण रूट्स पर चलने वाली बसों पर खराब सड़कों की भी मार पड़ रही है, जिसका खामियाजा चालकों को रिकवरी के रूप में भुगतना पड़ता है। यदि निगम प्रबंधन का रवैया ऐसा ही रहा तो ड्राइवर्ज यूनियन कोई बड़ा निर्णय लेने से भी गुरेज नहीं करेगी। राजेंद्र ठाकुर ने कहा है कि पूर्व सरकार के समय तत्कालीन परिवहन मंत्री द्वारा काफी बोल्वो बसों की खरीददारी की गई, लेकिन उनके रखरखाव की सही तरीके से व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के समय परिवहन कर्मियों को बुरी तरह से प्रताडि़त किया गया।

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