छठी से शुरू हो सकता है कम्प्यूटर

शिक्षा विभाग-प्रदेश सरकार कक्षाएं शुरू करने के लिए बना रहे नई योजना

शिमला— आधुनिकता के इस दौर में सरकारी स्कूलों के छात्र भी किसी से पीछे न रहे, इसके लिए शिक्षा विभाग व प्रदेश सरकार जल्द ही सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा से कम्प्यूटर की कक्षाएं शुरू कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के साथ मिलकर इस योजना पर मंथन कर रही है। वहीं सरकार व शिक्षा विभाग की अगर यह योजना सफल हो जाती है, तो इससे सरकारी स्कूलों के छात्र भी छोटी कक्षाओं से ही कम्प्यूटर की शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में सरकारी स्कूलों में नौवीं से जमा दो कक्षा तक के छात्रों को कम्प्यूटर की शिक्षा दी जाती है। स्कूलों में कम्प्यूटर की कक्षाएं लगाने वाले छात्रों को अलग से 200 से 250 रुपए फीस देनी पड़ती है।  जानकारी के अनुसार हो सकता है कि शिक्षा विभाग छात्रों से कम्प्यूटर की अलग फीस न लेकर स्कूल में ली जाने वाली एक ही फीस ले। उल्लेखनीय है कि सरकार व शिक्षा विभाग की अगर यह योजना सफल हो जाती है, तो इससे काफी फायदा छात्रों को भी मिलेगा और कम्प्यूटर शिक्षकों को राहत मिलेगी। दीगर रहे कि प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूलों में दस से 15 कम्प्यूटर हैं। इसके अलावा 13 हजार ऐसे स्कूल हैं, जहां पर अलग से आईटी लैब की भी व्यवस्था की गई है। इस तरह से अगर छठी शिक्षा से ही कम्प्यूटर की कक्षाएं शुरू हो जाती हैं, तो इससे छात्र भी आधुनिक तकनीकों को सीख पाएंगे। दीगर रहे कि आज के इस आधुनिक दौर में छात्रों के लिए कम्प्यूटर की शिक्षा काफी अहम है। आजकल के नौनिहाल जिस तरह छोटी उम्र में ही मोबाइल, ऑनलाइन गेम्स, ऑनलाइन पढ़ाई करने में रुचि दिखाते हैं, उसे देखते हुए कम्प्यूटर की शिक्षा शुरू करना जरूरी भी है।

कम्प्यूटर शिक्षकों को मिलेगी राहत

प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की अगर यह योजना सिरे चढ़ जाती है, तो न केवल इससे छात्र आधुनिक तकनीकों को सीख पाएंगे, वहीं इससे कम्प्यूटर शिक्षकों के कई पद भी सृजित होंगे। नाइलेट के माध्यम से सरकारी स्कूलों में सेवाएं देने वाले 1421 शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद बढ़ जाएगी। यदि छठी कक्षा से कम्प्यूटर की कक्षाएं शुरू होती हैं, तो इससे इन शिक्षकों को नियमितीकरण की भी आस जुड़ जाएगी।

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