टीबी की दवा बेचते ही देनी होगी जानकारी

असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर मंडी ने कार्यशाला में पांच जिलों के केमिस्ट को दिए निर्देश, रजिस्टर में एंट्री करना जरूरी

मंडी— अब हिमाचल में कहीं भी शेड्यूल एच-1 कैटेगरी व टीबी की दवा बेचते ही ड्रग कंट्रोल और जिला टीबी आधिकारी को जानकारी देनी होगी। केमिस्टों को असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर मंडी ने निर्देश दिए हैं कि शेड्यूल एच-1 कैटेगरी की 43 व टीबी की 14 दवाइयों का रिकार्ड रखना आवश्यक है। इसके साथ ही दवा देते ही शेड्यूल एच-1 रजिस्टर में उसकी एंट्री भी केमिस्ट को करनी होगी, ताकि जो भी टीबी मरीज प्राइवेट क्लीनिक से दवाइयां ले रहे हैं, उनकी जानकारी मिल सके। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करने वाले व्यक्तियों का रिकार्ड मेंटेन नहीं हो रहा था। इसके साथ ही प्रदेश में सभी पीएचसी, सीएचसी, आयुर्वेदिक अस्पताल, सिविल अस्पताल व जोनल अस्पतालों में टीबी के इश्तिहार लगाने होंगे। इसमें प्राइवेट क्लीनिक से टीबी का इलाज करवा रहे मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के पास इसकी जानकारी देने लिए कहा जाएगा। इसके लिए पहली बार मंडी जिला से शुरुआत की गई है। इस संबंध में बुधवार को दवाइयों का रिकार्ड रखने के लिए केमिस्ट्स की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें केमिस्टों को एच-1 कैटेगरी व टीबी की दवाइयों का रिकार्ड रखने के लिए केमिस्टों को जागरूक किया गया। अब यदि कोई भी मरीज किसी प्राइवेट अस्पताल, प्राइवेट क्लीनिक या केमिस्ट से टीबी की दवाई लेगा, तो उसकी जानकारी जिला ड्रग अधिकारी व टीबी कंट्रोल अधिकारी को देनी आवश्यक है। इसके लिए पांच जिला के केमिस्टों को इसके लिए इश्तिहार लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें मंडी, कुल्लू, लाहुल-स्पीति, बिलासपुर व हमीरपुर शामिल है। साथ ही केमिस्टों को निर्देश दिए गए कि यदि कोई भी व्यक्ति टीबी की दवाई लेता है, तो उसकी जानकारी उसी समय जिला ड्रग अधिकारी व जिला टीबी अधिकारी को देना आवश्यक है। इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ कंसल्टेंट डा. रवि, एचओडी स्कूल ऑफ फार्मेसी शूलिनी विवि डा. नीरज महेंद्रू, जिला टीबी अधिकारी डा. जोगिंद्र ठाकुर, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर मंडी-कुल्लू मनीष कपूर, ड्रग इंस्पेक्टर ललित व डा. रीना सहित केमिस्ट प्रभारी उपस्थित रहे।

रिकार्ड के लिए मंडी जिला अव्वल

प्रदेश में मंडी जिला में एच-1 कैटेगरी की दवाइयों का रिकार्ड सही रखने के लिए स्टेट ने प्रशंसा की है। बताया जा रहा है कि उक्त दवाओं का रिकार्ड मेंटेन करने में मंडी जिला सबसे अव्वल है। अब आगे भी इसी तरह से मेंटेन करने के लिए केमिस्टों को समय-समय पर जागरूक किया जा रहा है।

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