निबंध प्रतियोगिता

नई सरकार, हमारी उम्मीदें

प्रथम वनिता

कंडा, सोलन

हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा की सरकार कार्यरत है। गत वर्षों से हिमाचल में सरकार तो बदल रही थी, परंतु मुख्यमंत्री पद पर दो ही व्यक्ति आसीन थे। राजा वीरभद्र सिंह व प्रो. प्रेम कुमार धूमल। परंतु इस वर्ष नए मुख्यमंत्री के निर्वाचन से प्रदेश की जनता बहुत प्रसन्न है। साथ ही साथ जनता को ठाकुर जी से बहुत उम्मीदें हैं। कहते हैं कि जिसने खुद गरीबी देखी हो वह गरीबों का दर्द अच्छे से समझ सकता है। इसलिए जनता को उम्मीद है कि ठाकुर जी बेरोजगार युवाओं  को रोजगार देंगे, ताकि प्रदेश से बेरोजगारी का दानव अपने पांव उखाड़ ले। बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने से भ्रष्टाचार भी कम होगा। कहते हैं कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, परंतु जब युवा व्यस्त होगा तो उसके दिमाग का शैतान दम तोड़ देगा। प्रदेश में बच्चियां व युवतियां सुरक्षित नहीं है। उनके साथ जो शर्मनाक घटनाएं हो रही हैं, उस पर अंकुश लगाना आवश्यक है।

कहा भी गया है-

‘यत्र नार्यस्तु पुज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’

अर्थात- जहां स्त्रियों का सम्मान होता है, वहां देवता निवास करते हैं और हिमाचल तो देवभूमि है, इसलिए इस पवित्र भूमि पर ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। अतः स्त्रियों के सम्मान की रक्षा करना जरूरी है। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में त्रुटियों के कारण शिक्षा का स्तर काफी गिर चुका है व छात्र वर्ग नशे की चपेट में फंस गया है। सरकार को चाहिए कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार करे व योग्य शिक्षकों की नियुक्ति कर छात्रों का उचित मार्गदर्शन करे। इसके अतिरिक्त प्रदेश में कुछ स्थान ऐसे हैं, जहां न तो सड़क है, पानी और न ही बिजली, ऐसी स्थिति में वहां के निवासी पिछड़ गए हैं व सुख-सुविधाओं से उनका नाता मानो टूट सा गया हो। सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों को विशेष सुविधाएं प्रदान कर प्रदेश का चहुंमुखी विकास करें। सरकार योजनाएं तो बनाती है, परंतु मध्यस्थ लोगों की चालाकी के कारण इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को नहीं मिल पाता। कुछ लोग विकास के नाम पर मिलने वाली धनराशि का प्रयोग अपना बैंक बैलेंस बढ़ाने के लिए करते हैं। इस प्रकार हमारे प्रदेश का विकास बाधित होता है। अतः सरकारी नुमाइंदों को सावधानीपूर्वक योजनाओं का कार्यान्वयन करना चाहिए व मध्यस्थ लोगों पर शिकंजा कसना चाहिए। तभी प्रधानमंत्री जी का नारा ‘सबका साथ, सबका विकास’ पूर्ण हो सकेगा।

द्वितीय

रीमा मिरूपा केलांग, लाहुल

हिमाचल प्रदेश में इस बार नई सरकार तथा नए मुख्यमंत्री बने हैं। अगर नई सरकार जनता की उम्मीदों को पूरा करे, तो हमारा हिमाचल पूरे भारत का नंबर एक प्रदेश बनेगा। जैसे कि हमारे हिमाचल का मंडी जिला पूरे भारत का सबसे स्वच्छ जिला बना है, उसी तरह अगर हमारी नई सरकार पूरे हिमाचल में इसी तरह स्वच्छता पर ध्यान दे तो सारे 12 जिले शीर्ष स्थान पर रहेंगे। खेल के क्षेत्र में भी हिमाचल अव्वल रहता है। मनाली की आंचल ठाकुर ने स्कीईंग प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त किया है, जो कि पूरे भारत में किसी महिला, पुरुष ने पहली बार किया है। नई सरकार से उम्मीद है कि अगर इसी तरह खेलों को अधिक महत्त्व दे तो कई खिलाडि़यों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे कि हिमाचल का नाम पूरे विश्व में ऊंचा रहेगा। हिमाचल में बेरोजगारी भी नई सरकार की बहुत बड़ी चुनौती है। युवाओं को रोजगार की उम्मीदें हैं।

हिमाचल में खाली पदों को भरने से रोजगार मिल सकता है, जिससे कि युवाओं का नई सरकार में विश्वास जागेगा तथा सरकार उम्मीदों पर खरा उतरेगी। हिमाचल के प्रत्येक गांवों को सड़कों से जोड़ा जाए, उचित शौचालय, पीने के पानी की उचित व्यवस्था हो। गांवों के सभी बच्चों को उचित शिक्षा मिले तथा विद्यालयों में शिक्षा की अच्छी व्यवस्था हो। हिमाचल में अपराध दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं, जो कि हिमाचल जैसे शांत प्रदेश के लिए खतरा बन रहे हैं। नई सरकार से उम्मीद है कि इन अपराधों को कम किया जाए तथा सुरक्षा का उचित प्रबंध करें। हिमाचल एक देवभूमि है तो जैसा की कई बार मंदिरों में चोरी, तोड़-फोड़ इत्यादि होती है, उनको रोकने के लिए मंदिरों को कड़ी सुरक्षा प्रदान की जाए। हिमाचल में कई प्रकार के पेड़-पौधे हैं। वनों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधान किए जाने चाहिए, जिससे की स्वच्छ वातावरण बना रहेगा। हिमाचल में बहुत लोग कृषि पर निर्भर है, तो नई सरकार से उम्मीद है कि कृषि के अच्छे बीज, नई तकनीक तथा रखरखाव की तकनीक प्रदान करें। सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं।

युवाओं के लिए ऐसी शिक्षा की व्यवस्था करना कि वे सिर्फ डिग्रियां लेकर खाली न बैठें, बल्कि अपनी काबिलीयत से अच्छा रोजगार भी प्राप्त करें। हिमाचल एक पर्यटन राज्य है और इसका दोहन करने के लिए सरकार को बाहरी पर्यटकों के लिए सुरक्षा का प्रबंध करना चाहिए। सरकार के लिए एक और चुनौती माफिया से निपटना भी है। हिमाचल में नशा माफिया, खनन माफिया और वन माफिया अपनी जड़ें जमा चुका है। इसे उखाड़ फेंकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे। कोई प्रदेश तभी तरक्की कर सकता है, जब बहां के लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें और लोगों को यह सुरक्षा मिलती है प्रदेश की पुलिस से, तो वह भी सशक्त बने।

तृतीय

शैफाली अवस्थी गगल, कांगड़ा

जब भी देश में नई सरकार का आगमन होता है तो एक नई आशा की उम्मीद जग जाती है। लोग आशा करते हैं कि नई सरकार हमारे हित में काम करेगी और आम जनता की मुश्किलों को आसान बनाएगी, परंतु पता नहीं वह समय कब आएगा जब विकास कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर किया जाएगा। चुनाव लड़ने से पहले चुनावी दल चुनाव नजदीक आने पर लोगों को वचन देते हैं कि वे उनके हित में काम करेंगे, परंतु चुनाव जीतने के पश्चात वे अपने वचनों को भूल जाते हैं। चुनाव दोबारा नजदीक आने पर वे अपने कहे गए कार्यों का शुभारंभ करते हैं, ताकि फिर से उनके दल की ही सरकार बने। कई बार कुछ अधिकारी लोगों के हित में काम करने का प्रयास करते हैं। कई अधिकारी इसमें सफल होते हैं तो कुछ को असफलता से ही संतुष्ट होना पड़ता है। उदाहरण हम हमारे प्रधानमंत्री जी का भी दे सकते हैं। नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले चुनावों के वक्त लोगों को वचन दिया था कि वह लोगों को अच्छे दिन दिखाएंगे, इसकी कोशिश में उन्होंने कुछ योजनाएं भी आरंभ की जैसे जन-धन योजना, कृषि विकास योजना इत्यादि, परंतु उनकी यह कोशिश देश को अच्छे दिन दिखाने में असमर्थ रही। आम जनता को केंद्र सरकार से ज्यादा प्रदेश की सरकार से विकास और सुधार की उम्मीद होती है। जैसे हिमाचल में अभी नई सरकार बनी है। नए नेता हमारे मुख्यमंत्री बने हैं। इसलिए उनसे काफी अपेक्षाएं होंगी। प्रदेश के आज कितने ही युवा पुस्तकालयों, कोचिंग संस्थानों या अपने घरों पर ही नौकरी के लिए खुद को खपा रहे हैं। उनके हर दिन की शुरुआत इसी आशा भरे सपने के साथ होती है कि उन्हें कोई न कोई किसी न किसी नौकरी में रोजगार हासिल हो जाए। युवा अपनी पूरी लगन और मेहनत के साथ काम करते हैं, ताकि उन्हें अच्छा रोजगार मिले, परंतु ऐसा संभव नहीं हो पाता। रोजगारी में भी नेताओं ने राजनीतिक दखल नहीं छोड़ा, जिसकी वजह से रोजगार मिलना और भी मुश्किल हो गया है। यदि हर परीक्षार्थी के साथ समान व्यवहार न हो और राजनीतिक दखल या व्यक्तिगत प्रभाव वाले लोगों को ही चयन प्रक्रिया में स्थान मिले तो यह लाखों युवाओं की मेहनत का अपमान है। इससे बहुत से युवाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड़ सकता है। इस हालत में अब सरकार से यही उम्मीद की जा सकती है कि वे राजनीतिक दखलों को परीक्षार्थियों से दूर रखें और उन्हें रोजगार दिलवाएं। हिमाचल में सुरक्षा का विषय भी काफी चिंतनीय है।

इनके प्रयास भी सराहनीय रहे

राजेश शर्मा

रोहड़ू, शिमला

नई सरकार बनने पर हर आम व खास आदमी उम्मीदों से बंधा होता है। उसके विचारों को गति मिलती है। शिथिल पड़ी उम्मीदें जाग उठती हैं। नई सरकार से गरीबों को उम्मीद है कि सरकार गरीबी खत्म करेगी। शिक्षा का रूप बदलेगा। युवाओं में नई सरकार से रोजगार की भी उम्मीद जगी है। देखें सरकार कितना खरा उतरती है…

कंचन शर्मा

जसवां कोटला, कांगड़ा

आज नौजवान वर्ग डिग्रियां लेकर सड़कों पर घूम रहा है। उनकी डिग्रियों के अनुसार नौकरियां व रोजगार नहीं मिल रहे, जिस कारण वे  पढ़े-लिखे होने के बावजूद अपने परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ हैं इसलिए हमारी सरकार ऐसी होनी चाहिए जो सभी को रोजगार के समान अवसर प्रदान करे। लोगों  को रिश्वत से नौकरी न मिले…

हेमराज कपूर

बकाणी, चंबा

लोकतंत्र में प्रत्येक पांच वर्ष बाद लोगों द्वारा नई सरकार चुनी जाती है। हिमाचल की जनता को नई सरकार से काफी  आशाएं हैं। हिमाचल में हाल ही में गठित 13वीं विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनी है। सरकार ने अपने दृष्टिपत्र में कई वादे किए हैं। सरकार को प्रदेश के बढ़ते ऋण के कद को कम करने की सबसे बड़ी चुनौती रहेगी, जिसे सरकार को कम करना होगा…

You might also like