वॉयस सैंपल केस की सुनवाई फिर टली

पुलिस लॉकअप हत्या प्रकरण में आरोपियों की ओर से पेश नहीं हुआ कोई अधिवक्ता 

शिमला— कोटखाई छात्रा गैंगरेप-मर्डर मामले से जुड़े लॉकअप हत्या मामले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ गई है। आरोपी आईजी जहूर जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी और डीएसपी मनोज जोशी सहित सभी कर्मचारयों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं वॉयस सैंपल मामले की सुनवाई एक बार फिर टल गई। अब इसकी सुनवाई पांच फरवरी को अदालत करेगी। शिमला की अदालत ने पुलिस लॉकअप सूरज हत्याकांड मामले में आईजी जहूर जैदी,  शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी, डीएसपी मनोज जोशी व अन्य 6 पुलिस कर्मियों की न्यायिक हिरासत की अवधि 14 दिन बढ़ाई गई है। बुधवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से इन सभी को 30 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। ऐसे में अब सभी आरोपियों को 30 जनवरी को अदालत में फिर से पेश किया जाएगा। सीबीआई की ओर से पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के वॉयस सैंपल लेने के मामले की सुनवाई बुधवार को भी नहीं हो पाई। बुधवार को अदालत में बचाव पक्ष की तरफ से कोई भी अधिवक्त पेश नहीं हुआ। ऐसे में वॉयस सैंपल को लेकर होने वाली सुनवाई फिर टल गई। इससे पहले भी कई बार इस मामले की सुनवाई टल चुकी है। सीबीआई न्यायिक हिरासत में चल रहे आरोपी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के वॉयस सैंपल लेना चाह रही है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी के हाथ पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के बीच के बातचीत की रिकार्डिंग हाथ लगी है। इसको सीबीआई अपना केस पुख्ता करने के लिए प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल करना चाह रही है। इसके लिए इनकी आवाज का मिलाना किया जाना है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। अब इस मामले में 5 फरवरी को अदालत सुनवाई करेगी।

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