शिवरात्रि में मुंबइया नहीं हिमाचलियों को मौका

मंडी— अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव मंडी में इस बार हिमाचली कलाकारों पर पैसा बरसेगा। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में इस बार मुंबइया व पंजाबी कलाकारों पर धन वर्षा नहीं होगी। शिवरात्रि आयोजन समिति की आम सभा की मांग के बाद अब मंडी प्रशासन ने पहली दफा यह नया फैसला लिया है। इससे मुंबई व पंजाब से इस बार दो ही बडे़ स्टार कलाकार आएंगे। शिवरात्रि महोत्सव में इस बार भी छह सांस्कृतिक संध्याएं आयोजित होंगी, जिनमें दो संध्याआें में बडे़ दर्जे के स्टार कलाकार परफॉर्म करेंगे, जबकि चार संध्याआें में हिमाचली फनकारों व बाहर से कम खर्चे पर आने वाले कलाकारों को स्टार कलाकार बनने का मौका मिलेगा। गत वर्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में सांस्कृतिक संध्याओं पर सवा करोड़ रुपए खर्च किए गए थे, जिसमें 60 फीसदी से अधिक पैसा प्रदेश के बाहर के कलाकारों के हिस्से में गया था। अकसर शिवरात्रि महोत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं में बडे़ कलाकार बुलाने की रिवायत रही है। कई वर्षों से यह सिलसिला यूं ही चलता आ रहा है। गत कुछ वर्षों से तो मुंबइया कलाकारों के दाम काफी हद तक बढ़ चुके हैं। शिवरात्रि की संध्याएं हिट करवाने के दबाव में अकसर प्रशासन भी ऐसे कलाकारों पर पैसे लुटाता रहा है। हालांकि इस बार आम सभा के दबाव के बाद प्रशासन ने सिर्फ दो ही बडे़ कलाकार बुलाने का निर्णय लिया है, लेकिन शिवरात्रि की अन्य संध्याएं इस फेर में ढेर हुईं, तो इसका ठीकरा भी प्रशासन के सिर फुटेगा। उधर, उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर का कहना है कि आम सभा की सहमति के बाद शिवरात्रि महोत्सव में इस बार मुंबई व पंजाब से दो ही बडे़ कलाकार बुलाए जाएंगे। हिमाचली कलाकारों को ज्यादा मंच व तवज्जो देने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

22 लाख तक दे चुका मंडी प्रशासन

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के मंच पर 22 लाख रुपए तक देकर एक मुंबइया कलाकार से मात्र दो घंटे परफॉर्म करवाया जा चुका है। इसके अलावा 10 से 17 लाख रुपए के बीच की स्टार नाइट भी अब तक हुई हैं। तीन लाख से लेकर सात लाख रुपए तक के मध्यम दर्जे के कलाकार भी मुंबई व पंजाब से प्रशासन बुलाता रहा है।

हिमाचलियों को तीन से 80 हजार

शिवरात्रि में होने वाले खर्च का सारा पैसा हिमाचल से ही एकत्रित किया जाता है, लेकिन यह दुखद है कि हिमाचली कलाकारों के हिस्से तीन से लेकर अधिकतम 80 हजार रुपए तक ही आते हैं। पिछले कई वर्षों से हिमाचली कलाकारों के बजट में बढ़ोतरी ही नहीं हुई है।

चुनिंदा लोग ही कर रहे काम

यह भी बड़ा दिलचस्प है कि प्रदेश के किसी भी बडे़ मेले में सिर्फ चुनिंदा लोग ही स्टार कलाकार उपलब्ध करवाते हैं। नियमों की मार ऐसी है कि नए लोगों व नई फर्म को इस रेस में शामिल ही नहीं किया जाता है। कई लोग पर्दे के पीछे व सरकारी नौकरी में होकर भी कलाकारों की सप्लाई का काम हिमाचल में कर रहे हैं। सरकार बदलने के बाद इन लोगों के साथ सत्ता पक्ष के चेहरे भी जुड़ जाते हैं।

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