सराज को एडीबी की मदद से निखारेगी सरकार

धार्मिक, एडवेंचर और ईको टूरिज्म पर होगा काम, पर्यटन मानचित्र पर दिखेगी घाटी, अनछुए स्थलों तक पहुंचाई जाएंगी सड़कें

मंडी— मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र सराज में अब पर्यटन को एडीबी के सहयोग से निखारा जाएगा। क्षेत्र के अनछुए पर्यटन स्थल मनाली की तर्ज पर निखरेंगे। सात जनवरी को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सराज दौरे के दौरान क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म कल्चर सेंटर के लिए 20 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। यह रकम एशियन डिवेलपमेंट बैंक के साथ हुए प्रदेश सरकार के करार के तहत अब सराज के पर्यटन विकास पर खर्च होगी, जिसमें जंजैहली में टूरिज्म कल्चर सेंटर और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को सुविधाएं देने पर काम होगा। विशेष बात यह है कि मुख्यमंत्री ने सराज के टूरिज्म को तीन वर्गों में विकसित करने की योजना बनाई है, जिसके तहत घाटी में प्राकृतिक सौंदर्य को ईको टूरिज्म के साथ, धार्मिक पर्यटन व एडवेंचर टूरिज्म की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इसमें सभी पर्यटन स्थलों को सड़क सुविधा से जोड़ने और वहां पर्यटकों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि पर्यटक सराज के पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकें और वहां बार-बार आएं।  साथ ही सराज के पर्यटन स्थलों को दुनियां की नजर में लाने के लिए भी सरकार विशेष योजना बनाएगी। इन स्थलों का प्रचार-प्रसार भी होगा। इस समय सराज के कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जहां कम संख्या में लोग जाते हैं। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी सराज में कई महत्त्वपूर्ण स्थल हैं, लेकिन यह स्थल न तो सड़क सुविधा से जुड़े हैं और न ही इन जगहों पर अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। घाटी में एडवेंचर टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं। जंजैहली में कैंपिंग, सर्दियों में विंटर गेम्ज व वाटर स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को अब मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तलाश करने के आदेश पर्यटन विभाग को दिए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि सराज को ईश्वर ने अपार सौंदर्य दिया है, बावजूद इसके यहां पर्यटक नहीं पहुंच पाते। अब यहां के विकास पर ध्यान दिया जाएगा और एडीबी के सहयोग से सराज का पर्यटन निखारा जाएगा। वहीं सराज की ज्यादातर जनता कृषि व बागबानी पर ही निर्भर है, जबकि पर्यटन की दृष्टि से अगर क्षेत्र विकसित होता तो फिर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लोगों के लिए अजीविका के दरवाजे खुलेंगे। इससे लोगों की आर्थिकी भी बदलेगी।

रोड से जुड़ेंगे धार्मिक पर्यटन केंद्र

सराज घाटी में कई ऐसे स्थल हैं, जो कि हजारों लोगों की आस्था का केंद्र हैं, लेकिन इन जगहों पर पर्यटन की दृष्टि से सुविधाएं ही नहीं हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार घाटी में शिकारी देवी, कमरूनाग, मगरू महादेव, तुंगासीगढ़ व शेटीनाग सहित अन्य ऐसे महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को सड़क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

ईको टूरिज्म में आएगी जंजैहली

सराज में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। योजना के तहत सरकार ने एक पंचायत या कुछ गांवों को ईको टूरिज्म के लिहाज से विकसित करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत जंजैहली या फिर कोई अन्य पंचायत ईको टूरिज्म का केंद्र बनेगी।

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