स्वां के पुल के नीचे दुनिया भर की गंदगी

गगरेट— प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा करोड़ों रुपए का बजट खर्च करके स्वच्छ भारत अभियान का धरातली स्तर पर अभी तक कोई खास असर पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। गगरेट विधानसभा क्षेत्र में बहती स्वां नदी में इन दिनों आम जनमानस द्वारा स्वच्छता अभियान की जबदरस्त धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्वां के इस पुल के नीचे कूडे़-कचरे ने तो नदी के पानी को भी दूषित कर दिया है, जबकि साथ लगते उद्योगों का गंदा पानी भी स्वां नदी के पानी को जहरीला कर रहा है। वर्तमान में हालात यह है कि पंजाब क्षेत्र के हजारों लोग जो कि आए दिन चिंतपूर्णी सहित अन्य धार्मिक स्थानों को आते हैं, वे अपने साथ धार्मिक कार्यों में प्रयोग की गई हवन सामग्री व अन्य प्रकार का प्रयोग में लाया गया सामान इस स्थान पर पुल के नीचे नदी में फेंक देते हैं। यहीं नहीं, स्थानीय लोग भी पीछे नहीं हैं। इस पुल के नीचे कूडे़-कचरे के बड़े-बडे़ ढेर आम देखे जा सकते हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि कुछ लोग तो घरों व व्यापारिक संस्थानों का कूड़ा-कचरा भी स्वां नदी में फेंक रहे हैं। इससे स्वां नदी का स्वरूप पूरी तरह बिगड़ चुका है। सरकार, प्रशासन, सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं सभी मूकदर्शक बने हुए हैं। हालांकि कुछ संस्थाओं ने कभी-कभी इस कूडे़-कचरे को ठिकाने लगाने व स्वां नदी को साफ-सूथरा रखने का बीड़ा उठाया, परंतु ये सभी अभियान मात्र दिखावा ही साबित हुए। स्थानीय पर्यावरण प्रेमी राणा, जसवंत सिंह, इंद्रजीत सिंह, प्रदीप डढवाल, विवेक शर्मा आदि ने प्रशासन व सरकार से मांग की है कि स्वां नदी को साफ-सूथरा रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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