हिमाचल को मिलेंगे सौ नए डाक्टर!

आईजीएमसी-टीएमसी से पास्डआउट 171 डाक्टरों के इंटरव्यू पूरे, सेक्रेटरी को भेजी फाइल

मंडी— डाक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे हिमाचल को जल्द ही सौ नए एमबीबीएस डाक्टर मिलेंगे। आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कालेज से पास्डआउट करीब 171 डाक्टरों के इंटरव्यू कर फाइल सेक्रेटरी को भेज दी गई है। हालांकि इन्हें कब तैनाती मिलेगी, यह सरकार ही तय करेगी। फिलहाल 150 से ज्यादा डाक्टर तैनाती की राह ताक रहे हैं। फिलहाल सरकार द्वारा सिर्फ सौ डाक्टरों को ही तैनाती देने की योजना है। ऐसे में डाक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे हिमाचल का पेट इन सौ डाक्टरों से नहीं भरने वाला। अभी यह साफ नहीं है कि डाक्टरों के पोस्टिंग आर्डर कब तक जारी होंगे, लेकिन स्वास्थ्य निदेशालय से 171 नए-नवेले एमबीबीएस डाक्टरों की इंटरव्यू फाइल सरकार को भेजी गई है। इन डाक्टरों को सीएचसी-पीएचसी लेवल पर तैनाती दी जाएगी। यहां बता दें कि हिमाचल में इस समय करीब 600 डाक्टरों के पद खाली चल रहे हैं और बहुत से अस्पताल ऐसे हैं, जहां एक-दो डाक्टर ही पूरे क्षेत्र की आबादी की सेहत देख रहे हैं। गौरतलब हो कि दिसंबर में टीएमसी और आईजीएमस से 100-100 का बैच पासआउट होता है। इसके बाद करीब 171 डाक्टरों ने कैंपस इंटरव्यू दिया है। पिछले साल भी करीब 121 एमबीबीएस डाक्टरों की तैनाती मार्च के आसपास हुई थी। फिलहाल नए-नवेले 171 डाक्टर तैनाती के इंतजार में हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डा.बलदेव ठाकुर का कहना है कि सरकार को करीब 171 डाक्टरों की रेकमेंडेशन भेजी गई है। डाक्टरों की तैनाती से काफी हद तक डाक्टरों की कमी दूर होगी।

100 तो अकेले मंडी को ही चाहिएं

सरकार फिलहाल सौ डाक्टरों को ही तैनाती देगी। ऐसे में यह आंकड़ा ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। अगर बात मंडी जिला में करें तो खाली मंडी जिला में ही कम से कम सौ डाक्टर चाहिएं। ऐसे में सौ डाक्टरों की तैनाती ऊंट के मुंह में जीरा के ही समान है।

यहां टिकने को तैयार नहीं कोई

दरअसल डाक्टरों की तैनाती कर भी दी जाए, तब भी हिमाचल में डाक्टर टिकते ही नहीं। इसकी वजह डाक्टरों की कम सैलरी और सरकार की कुछ पालिसी बताई जाती हैं। इसके अलावा तैनाती के बाद कुछ एमबीबीएस डाक्टर पीजी के लिए बाहर चले जाते हैं, तब भी जगह खाली पड़ जाती है। अब तैनाती होने पर स्थिति स्पष्ट होगी।

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