31 जनवरी को लगेगा पूर्ण चंद्रग्रहण

शाम 6:21 से 7:38 बजे तक रहेगा ग्रहण, गंगा-तीर्थ स्थलों में स्नान रहेगा हितकारी

शिमला — 31 जनवरी को चंद्रग्रहण लगेगा। इस दिन पर शाम 6.21 मिनट पर पृथ्वी चंद्रमा को पूरी तरह से ढकना प्रारंभ कर देगी। यह प्रक्रिया 7.38 मिनट तक चलेगी और ग्रहण की समाप्ति 8.42 मिनट पर होगी। इस चंद्रग्रहण का प्रभाव 3 घंटे 24 मिनट तक का रहेगा। 31 जनवरी को ग्रहण का सूतक प्रातः सूर्योदय काल से ही प्रारंभ हो जाएगा। ज्योतिष के अनुसार इस ग्रहण का प्रभाव कर्क राशि और पुष्य और आश्लेसा नक्षत्रों पर होगा। इस राशि और नक्षत्र के जातकों पर ग्रहण विशेष अनिष्ठ कारक रहेगा। चंदग्रहण के प्रभाव को लेकर पंडित डा. मस्तराम शर्मा का कहना है कि चंद्र ग्रहण के दिन गंगा स्नान, तीर्थ स्थलों में स्नान करना विशेष रूप से हितकारी रहेगा। राजनीति पर इस चंदग्रहण का असर होगा और परस्पर द्वेष भावना उत्पन्न होगी। वहीं लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। ज्योतिष के अनुसार खगोल विज्ञान के आधार पर सूर्यग्रहण अमावस्य के अंत में और प्रतिपदा के आरंभ में पड़ता है, जबकि चंद्रग्रहण पूर्णिमा के अंत में और प्रतिपदा के आरंभ में होता है। कांति वृत्त और चंद्र भ्रमण का मार्ग एक नहीं होता, इसलिए प्रत्येक अमावस्य और पूर्णिमा को ग्रहण नहीं लगते । क्रांति वृत्त पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने का मार्ग होता है। चंद्र का मार्ग, चंद्रमा द्वारा पृथ्वी की परिक्रमा का मार्ग है। ये पथ एक दूसरे को उत्तर एवं दक्षिण में काटते हैं, जिन्हें क्रमशः राहू एवं केतु कहा गया है। एक वर्ष में कुल सात ग्रहण हो सकते हैं। अधिक से अधिक सूर्यग्रहण की संख्या पांच और चंद्र ग्रहण की संख्या तीन हो सकती है।

राशियों पर प्रभाव

मेष —शारीरिक कष्ट

वृष — धन का आगमन

मिथुन—आर्थिक हानि

कर्क —दुर्घटना से बचें,

सिंह—आर्थिक हानि,

कन्या— धन लाभ

तुला— सार्वजनिक सुख

वृश्चिक—प्रतिष्ठा दांव पर

धनु —शरीरिक कष्ट

मकर—पति-पत्नी को कष्टकारक, कुंभ—सर्वसुख

मीन— चिंता, गाय को चारा खिलाएं

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