सरकार! एचपीयू को 141 करोड़ की दरकार

By: Feb 22nd, 2018 12:15 am

 प्रशासन ने प्रदेश सरकार से मांगा बजट, पेंशन पर ही प्रति वर्ष 41 करोड़ खर्च

शिमला — हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने इस वित्त वष 2018-19 के लिए 141 करोड़ का बजट हिमाचल विश्वविद्यालय को देने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार के समक्ष रखा है। सचिवालय में हुई प्लानिंग बोर्ड की बैठक में एचपीयू ने सरकार के समक्ष अपना बजट प्रस्ताव रखा। इसमें विश्वविद्यालय की ओर से 141 करोड़ की ग्रांट विश्वविद्यालय को इस वित्त देने की मांग की गई है। 2017-18 में विश्वविद्यालय को सरकार की ओर से 100 करोड़ की ग्रांट दी गई है, लेकिन इस ग्रांट से अधिक खर्च विश्वविद्यालय का वर्ष भर में होता है। ऐसे में सरकार की तरफ से मिलने वाली यह वित्तीय सहायता विश्वविद्यालय के लिए नाकाफी हो रही है। सरकार के समक्ष रखे गए बजट प्रस्ताव में एचपीयू ने अपने खर्चों का भी पूरा ब्यौरा शामिल किया है। विश्वविद्यालय पर इस समय सबसे अधिक बोझ कर्मचारियों को दी जाने वाली पेंशन का है। विश्वविद्यालय के पास वर्तमान में एक हजार 20 के करीब पेंशनर है। इनकी पेंशन पर इक्डोल वर्ष में 41 करोड़ के करीब राशि खर्च करता है। प्रति माह साढ़े तीन करोड़ के करीब खर्च पेंशन पर ही विश्वविद्यालय का हो रहा है। इसके अलावा 15 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ विश्वविद्यालय पर सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए की गई आठ फीसदी अंतरिम राहत देने की घोषणा से पड़ा है। विश्वविद्यालय के जो आय के अपने संसाधन है उन पर जीएसटी का भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इन सभी खर्चों को देखते हुए विश्वविद्यालय ने इस बार 141 करोड़ के बजट की मांग की है। विश्वविद्यालय ने वित्त अधिकारी नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इस बार 41 करोड़ की अधिक ग्रांट का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखा है। यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय के खर्चों को देखकर विश्वविद्यालय ने सरकार के समक्ष रखा है। विश्वविद्यालय के खर्चों की अगर बात की जाए तो हर वर्ष 70 से 80 करोड़ का खर्च विश्वविद्यालय अपने 1 हजार के करीब कर्मचारियों के वेतन पर करता है। इस खर्च में विश्वविद्यालय के पेंशनरों को दी जाने वाली पेंशन भी शामिल है। इसके अलावा 15 करोड़ के करीब का खर्च विश्वविद्यालय हर माह सेवानिवृत होेने वाले कर्मचारियों की देनदारियां चुकाने के लिए करता है। वहीं, विश्वविद्यालय की ओर से जो फीस वृद्धि की गई है, उससे 10 से 12 करोड़ की आय हो रही है। सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को 100 करोड़ मिल रहा है, जबकि विश्वविद्यालय का अनुमान है कि अपने संसाधनों से 66 करोड़ वह प्राप्त कर लेते हैं।

विश्वविद्यालय के बजट की स्थिति

विश्वविद्यालय ने वर्ष 2017-18 में 191 करोड़ का बजट पेश किया। जिसमें 25 करोड़ का घाटा बताया गया। वर्ष 2016-17 के लिए 177.50 करोड़ का बजट पेश किया था। जिसमें 20.36 करोड़ का घाटा बताया गया। वर्ष 2016 में विश्वविद्यालय का बजट 90 करोड़ था। वर्ष 2015-16 के लिए 155.24 करोड़ का बजट पास किया गया था, जिसमें 24.76 करोड़ का घाटा बताया गया।

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