स्कूलों से मांगी रिजल्ट की रिपोर्ट

किस विषय में छात्र पिछड़े; होगा आकलन, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय कमियों पर करेगा मंथन

शिमला— प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जहां नया सत्र शुरू होने से छात्र उत्साहित हैं, तो वहीं शिक्षा विभाग ने स्कूलों के रिजल्ट का आकलन करने की कवायद शुरू कर दी है। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में छात्रों के रिजल्ट ऑनलाइन होेंगे, ताकि कोई भी शिक्षा विभाग की वेबसाइट से सभी स्कूलों के परिणामों को देख पाए। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग के परियोजना निदेशालय ने स्कूलों को रिजल्ट जल्द निदेशालय भेजने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उधर, जिन स्कूलों से रिजल्ट आ चुके हैं, उनका आकलन करना विभाग के अधिकारियों ने  शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग के अधिकारी छात्रों के रिजल्ट तराश रहे हैं और यह देखा जा रहा है कि आखिर छात्र सबसे ज्यादा किस विषय में पिछड़ रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय का दावा है कि छात्रों की रिजल्ट में पाई जाने वाली कमियों को सुधारा जाएगा। वहीं नया सत्र शुरू होते ही छात्रों को लर्निंग कम्स योजना के तहत पढ़ाया जाएगा। इसको लेकर उपनिदेशकों सहित स्कूल प्रबंधन को निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं अगर स्कूलों में नए सत्र से भी शिक्षकों ने पढ़ाई के नए तरीकों से छात्रों को लर्न नहीं करवाया, तो ऐसे में शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी विभाग करने के मूड में है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में सोमवार से नई कक्षाओं के लिए दाखिलों का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही नौवीं ओर दसवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले छात्र भी दो से सात अप्रैल तक दाखिले ले सकते हैं। ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन स्कूलों में 10 अपै्रल तक बिना लेट फीस से छात्र दाखिला ले सकते हैं।

केंद्रीय मंत्रालय को जाएगा ब्यौरा

छात्रों के रिजल्ट को कम्प्यूटराइज किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को भी सौंपी जाएगी। साथ ही परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को नेशनल अचीवमेंट सर्वे के साथ भी जोड़ा जा रहा है। शिक्षा विभाग की यह मुहिम कितना रंग बेहतर शिक्षा प्रणाली को लेकर लाती है, यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभाग प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों के रिजल्ट का भी डिजिटलाइजेशन कर चुका है। इसी के तहत अब समर स्कूलों के रिजल्ट को भी ऑनलाइन करने की तैयारी है।

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